पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्य को दिए जाने वाले वित्तीय बकाए की मांग पर बात करने के लिए वह दिल्लीा का दौरा करेंगी। यहां पढ़ें...
कई योजनाओं के लिए लंबित धनराशि को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तकरार कम होने का नाम नहीं ले रही है। टीएमसी लगातार केंद्र सरकार को घेरती आई है। इस मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ टीएमसी द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए। वहीं केंद्र ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र पोषित योजनाओं में राज्य सरकार भ्रष्टाचार कर रही है। आरोपों के बाद से ही पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार और केंद्र सरकार आमने-सामने हैं।
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ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से मांगा समय
शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्य को दिए जाने वाले वित्तीय बकाए की मांग पर बात करने के लिए वह दिल्लीा का दौरा करेंगी। पीएम मोदी से 18 से 20 दिसंबर के बीच के दिनों का समय मांगा है।
अन्य राज्यों को मिल रहा, लेकिन हमें क्यों नहीं- ममता
सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा है। हमें कई केंद्रीय योजनाओं के लिए लंबित धनराशि नहीं मिली है। हर राज्यों को उसका हिस्सा मिल रहा है, तो हमें क्यों नहीं दिया जा रहा है। मैं इस महीने पार्टी के कुछ सांसदों के साथ दिल्ली जाऊंगी और राज्य के बकाये के लिए दबाव बनाने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात करूंगी।
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साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य से जीएसटी इकट्ठा किया जा रहा है, लेकिन केंद्र उसे साझा नहीं कर रहा है। पश्चिम बंगाल को मनरेगा जैसी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाली धनराशि भी नहीं मिल रही है। हमें केंद्र से मिलने वाली वित्तीय बकाए से वंचित रखा जा रहा है।