सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर विधानसभा अध्यक्ष के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मुकुल रॉय को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को दावा किया कि अगर विधानसभा अध्यक्ष बिमन बनर्जी ने भाजपा से सदन में अपनी सदस्यता छोड़े बिना सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने वाले पांच विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा विधायक भूख हड़ताल करेंगे। सुवेंदु अधिकारी कुछ अन्य भाजपा विधायकों के साथ सोमवार को बनर्जी से उनके कार्यालय में मिले। उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें मांग की गई कि स्पीकर उन पांच विधायकों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई शुरू करें, जिन्होंने भाजपा के टिकट पर 2021 के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पाला बदल लिया था।
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सुवेंदु अधिकारी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह सदन के नियमों के अनुसार काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोई शिकायत है, तो उन्हें दर्ज करने दें। मैं सदन के नियमों के अनुसार काम करूंगा। उन्हें जो सही लगता है, वे कर सकते हैं। वे मेरे फैसले को प्रभावित नहीं कर सकते। टीएमसी के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने सुवेंदु अधिकारी पर स्पीकर पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
सुवेंदु ने अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर विधानसभा अध्यक्ष के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें भाजपा विधायक मुकुल रॉय को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मैंने आज उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की। हमारे वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश की अदालत के समक्ष मामले का उल्लेख किया। भाजपा विधायक अंबिका रॉय द्वारा कृष्ण कल्याणी को अयोग्य ठहराने की मांग वाली एक अन्य याचिका का भी उल्लेख किया जाएगा और जल्द सुनवाई की मांग की जाएगी। अंबिका रॉय की याचिका में भाजपा ने दावा किया कि कल्याणी भी 2021 के विधानसभा चुनाव में भगवा पार्टी के टिकट पर जीतने के बाद टीएमसी में चले गए थे।