केंद्रीय मंत्री ने एक बयान में कहा, एफएटीएफ ने एक केस स्टडी प्रकाशित की है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे सप्रंग सरकार में एक मंत्री ने एक व्यक्ति पर प्रियंका गांधी की पेंटिंग दो करोड़ में खरीदने का दबाव डाला।
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की एक स्टडी रिपोर्ट जारी होने के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि एक भारतीय बैंक ने राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए रिश्वत के रूप में पार्टी के एक सदस्य के करीबी रिश्तेदार से ज्यादा कीमती कलाकृति खरीदी थी।
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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ठाकुर ने एक बयान में कहा, कांग्रेस के भ्रष्टाचार के नए मॉडल सामने आ रहे हैं। अब एफएटीएफ ने एक केस स्टडी प्रकाशित की है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक व्यक्ति पर प्रियंका गांधी वाड्रा की पेंटिंग दो करोड़ रुपये में खरीदने का दबाव डाला।
ठाकुर एफएटीएफ की 'मनी लॉन्ड्रिंग एंड टेररिस्ट फाइनेंसिंग इन द आर्ट एंड एंटीक्विटीज मार्केट' रिपोर्ट का हवाला दे रहे थे, जिसमें एक प्रमुख भारतीय बैंक के मामले का हवाला दिया गया है, जिसने रिश्वत देने के लिए बिना किसी मूल्य की कलाकृति खरीदी थी। रिपोर्ट में बैंकर या राजनेता का नाम नहीं है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एफएटीएफ में पहले आंतकवाद की फंडिंग के लिए पाकिस्तान के ग्रे सूची में बने रहने पर बात की जाती थी, लेकिन अब वैश्विक निगरानी संस्था में भारत के एक प्रभावशाली परिवार को लेकर चर्चा की जा रही है। ठाकुर ने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि गांधी परिवार के भ्रष्टाचार की कहानी को केस स्टडी बनाया जा रहा है और दुनिया को बताया जा रहा है कि वह भी आतंकी फंडिंग को रोकने का काम करता है।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रियंका गांधी को एफएटीएफ की रिपोर्ट में उल्लिखित 'मिस्टर ए' की पहचान पर सफाई देनी चाहिए। ठाकुर ने विपक्षी दल से पूछा, क्या पैसे और पेंटिंग के बदले पद्म भूषण दिया जा रहा था? क्या यह कांग्रेस का भ्रष्टाचार मॉडल है? आपने पैसे के लिए कितने अन्य राष्ट्रीय सम्मान बेचे हैं?