पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और इसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार देर रात से जारी मूसलाधार बारिश की वजह से मंगलवार को आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। दूसरी तरफ अधिकारियों ने बताया कि वर्षा जनित घटनाओं के चलते 10 लोगों की मौत हो गई। सात लोगों की मौत वर्षा के दौरान करंट की चपेट में आने से हुई है।
अब तक जिन लोगों की जान गई है उनमें तीन की पहचान हो चुकी है। इनमें एक बेनियाकपुर के रहने वाले फिरोज अली खान (50), नेताजी नगर के प्रणतोष कुंडु (62) और इकबालपुल की मुमताज बीबी (70) शामिल हैं। इसके अलावा गरियाहट में एक और व्यक्ति की जान गई, जिसकी पहचान नहीं की जा सकी है। इसके अलावा तीन और की पहचान होना बाकी है। कोलकाता पुलिस ने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति सुबह सवा पांच बजे अपने घर से निकला था। हुसैन शाह रोड पर वह करंट की चपेट में आ गया। उसे एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोलकाता के मेयर और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने बताया कि फिलहाल शहर में करंट लगने से चार की मौत की खबर है। उन्होंने कहा कि अभी कोलकाता के ज्यादातर इलाकों में पानी भरा है और महानगरपालिका के कर्मी लगातार पानी निकालने की कोशिश में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ने निजी बिजली कंपनी की खामियों की आलोचना की
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मूसलाधार बारिश को अभूतपूर्व करार दिया। उन्होंने फरक्का बैराज की खराब ड्रेजिंग और निजी बिजली कंपनी सीईएससी की खामियों की कड़ी आलोचना की। साथ ही उन्होंने लोगों से अपनी सुरक्षा के लिए घरों के अंदर रहने की अपील की।
ममता ने कहा, "मैंने ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी। मुझे इस घटना में जान गंवाने वालों के लिए बहुत दुख हो रहा है। मैंने सुना है कि खुले या बेपरवाह तारों से करंट लगने से 7-8 लोगों की मौत हो गई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सीईएससी को उनके परिवारों को नौकरी देनी चाहिए। मैं यह स्पष्ट रूप से कह रही हूं। हम भी हरसंभव मदद करेंगे।"
सीईएससी को घेरते हुए उन्होंने कहा, "बिजली सीईएससी द्वारा आपूर्ति की जाती है, हमारे द्वारा नहीं। यह सुनिश्चित करना उनका कर्तव्य है कि लोगों को इससे परेशानी न हो। वे यहां व्यापार करेंगे, लेकिन आधुनिकीकरण नहीं करेंगे? उन्हें लोगों को मैदान में भेजकर इसे ठीक करना चाहिए।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "यहां तक कि हमारे घर भी जलमग्न हो गए हैं; हम सभी कष्ट में हैं। मुझे पूजा पंडालों के लिए भी बहुत बुरा लग रहा है। स्कूलों को छुट्टियां घोषित करने को कहा गया है और दफ्तर जाने वालों को आज और कल घर पर रहने की सलाह दी गई है।" उन्होंने यह भी कहा कि वह महापौर, मुख्य सचिव और पुलिस के लगातार संपर्क में हैं।
30 उड़ानें रद्द
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को कोलकाता में भारी मूसलाधार बारिश ने हवाई यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया है। जिसके कारण कम से कम 30 उड़ानें रद्द कर दी गईं और कई उड़ानों को देरी का सामना करना पड़ा है। भारी बारिश से हजारों यात्री फस गए और परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं हैं।