फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Seat ka samikaran: कभी थी कांग्रेस का गढ़, बीते छह चुनाव से राजद या जदयू ही हो रहे सफल, ऐसा सुरसंड का इतिहास

Tue, 23 Sep 2025 07:08 AM IST
संध्या इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला

सार

बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज सुरसंड विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट पर 2020 में जदयू के को जीत मिली थी। 

विज्ञापन
बिहार चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार में चुनाव तारीखों का एलान कभी भी हो सकता है। इससे पहले राज्य को दोनों मुख्य गठबंधन जोर शोर से तैयारी में जुटे हैं। दोनों गठबंधनों में सीटों के बंटवारे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसे कितनी सीट मिलेगी इसे लेकर भी लगातार पार्टियों में खींचतान जारी है। वहीं, प्रशांत किशोर बिहार की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। इस सियासी सरगर्मी के बीच अमर उजाला की बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज सुरसंड विधानसभा सीट की बात।

विज्ञापन

पहले जानते है सुरसंड सीट के बारे में 
बिहार के 38 जिलों में से एक सीतामढ़ी जिला भी है। जिले में कुल आठ विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें रीगा, बथनाहा (एससी), परिहार, सुरसंड, बाजपट्टी, सीतामढ़ी, रुन्नीसैदपुर, बेलसंड विधानसभा सीटें शामिल हैं। सुरसंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सीतामढ़ी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। इस लोकसभा क्षेत्र में कुल छह विधानसभा सीटें आती है, इसमें बथनाहा (एससी), परिहार, सुरसंड, बाजपट्टी, सीतामढ़ी और रुन्नीसैदपुर शामिल हैं। सीट पर पहली बार 1952 में चुनाव हुए थे। लंबे समय तक पर सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा था। 
 

1952 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार को मिली जीत

सीट पर पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली थी। सन 1952 में निर्दलीय उम्मीदवार ने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को हरा दिया था। निर्दलीय उम्मीदवार राम चरित्र राय यादव ने कांग्रेस के कालीचरण सिंह को 2 वोट से हरा दिया था। केवल 2 वोट के अंतर से राम चरित्र राय को यह जीत मिली थी। राम चरित्र राय  को 7182 और कालीचरण सिंह को 7180 वोट मिले थे। 

1957 में कांग्रेस को मिली जीत 

  • 1957 में सुरसंड सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी। इसके बाद कांग्रेस ने 1980 तक इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। 1957 में कांग्रेस के महेश्वर प्रसाद नारायण सिन्हा ने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के रामचरित्र राय यादव को 16201 वोट से हरा दिया था। 
  • 1962 में एक बार फिर सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी। कांग्रेस की प्रतिभा देवी ने स्वतंत्र पार्टी के राम चरित्र राय यादव को 13,366 वोट से हरा दिया था। 
  • 1967 में एक बार फिर कांग्रेस की प्रतिभा देवी को जीत मिली थी। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के.पी. तिवारी को 15649 वोट से हरा दिया था। 
  • 1969 में इस सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी। कांग्रेस के रामचरित्र राय यादव ने लोक तांत्रिक कांग्रेस की प्रतिभा देवी को 7447 वोट से हरा दिया थी। 
  • 1972 में एक बार फिर कांग्रेस के राम चरित्र राय यादव को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस ऑर्गनाइजेशन के श्याम सुंदर दास को 2078 वोट से हरा दिया था। 
  • 1977 में कांग्रेस के राम चरित्र राय यादव ने जीत की हैट्रिक लगाई थी। उन्होंने जनता पार्टी के राम चरित्र मंडल को 17045 वोट से हरा दिया था। 
  • 1980 में कांग्रेस को फिर जीत मिली, लेकिन इस बार उम्मीदवार बदल चुका था। कांग्रेस(यू) के सूर्यदेव राय ने कांग्रेस(आई) के कैप्टन रामनिवास को 4728 वोट से हरा दिया था। 

 

निर्दलीय उम्मीदवार को मिली जीत

1985 में कांग्रेस को सुरसंड सीट पर हार का सामना करना पड़ा। निर्दलीय उम्मीदवार रवीन्द्र प्रसाद शाही ने कांग्रेस के नागेंद्र प्रसाद यादव को 2327 वोट से हरा दिया था। 

कांग्रेस को फिर मिली जीत

1990 में कांग्रेस ने फिर से सुरसंड सीट पर वापसी की। कांग्रेस के रविंद्र प्रसाद शाही ने  निर्दलीय उम्मीदवार नागेंद्र यादव को 2202 वोट से हरा दिया था। रवीन्द्र प्रसाद शाही ने पिछले चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। यह सुरसंड सीट पर कांग्रेस की आखिरी जीत थी। इस चुनाव के बाद कांग्रेस यहां अब तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है। 

जनता दल को मिली पहली जीत

नागेंद्र प्रसाद यादव को कई चुनाव में हार के बाद इस बार सुरसंड सीट पर जीतने का मौका मिला। 1995 में जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे नागेंद्र प्रसाद यादव ने कांग्रेस के रवीन्द्र प्रसाद शाही को 42567 वोट से हरा दिया था। 

2000 में जयनंदन प्रसाद को मिली जीत

इस चुनाव में जदयू के जयनंदन प्रसाद यादव को जीत मिली। यह उनका पहली जीत थी, लेकिन इसके बाद वह लगातार दो चुनाव जीते। उन्होंने राजद के नागेंद्र प्रसाद यादव को 17388 वोट से हरा दिया था। 

2005 में बिहार में दो बार चुनाव हुए थे। दोनों ही चुनावों में राजद को जीत मिली थी। फरवरी 2005 में जयनंदन प्रसाद यादव को यहां जीत मिली थी। लेकिन इस बार उनकी पार्टी अलग थी। वे इस बार राजद के टिकट पर चुनाव जीते थे। राजद के जय नंदन प्रसाद यादव ने भाजपा के बैद्यनाथ प्रसाद को 7181 वोट से हरा दिया था। 

अक्तूबर 2005 में एक बार फिर राजद के जयनंदन प्रसाद यादव को जीत मिली। राजद के जय नंदन प्रसाद यादव ने भाजपा के बैद्यनाथ प्रसाद को 494 वोट से हरा दिया था।

 

विज्ञापन

2010 में जदयू को मिली जीत 

2010 में एक बार फिर सुरसंड सीट पर जदयू ने कब्जा किया। जदयू के शाहिद अली खान ने राजद के जयनंदन प्रसाद यादव को 1186 वोट से हरा दिया था। 

2015 में राजद की जीत

2015 में एक बार फिर इस सीट पर चुनाव के नतीजे बदल गए। राजद के सैयद अबू दोजाना ने निर्दलीय उम्मीदवार अमित कुमार को 23234 वोट से हरा दिया। 

2020 में जदयू की जीत 

2020 में एक बार फिर जदयू ने वापसी की। जदयू के दिलीप राय ने राजद के सैयद अबू दोजाना को 8876 वोट से हरा दिया था। 

 

सीट का समीकरण सीरीज की अन्य खबरें यहां पढ़ें

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें