अब जानें- 1000 से ज्यादा पर 2000 से कम अंतर से हार-जीत वाली सीटें
बंगाल में ऐसी सीटों की संख्या पांच रही। इन सभी सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। इनमें सबसे चर्चित सीट नंदीग्राम की रही थी, जहां भाजपा की तरफ से लड़ रहे शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को महज 1956 वोटों के अंतर से हरा दिया था। वहीं, पूर्व क्रिकेटर और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा की सीट भी चर्चा में रही थी। उन्हें मोयना सीट से महज 1260 वोटों से जीत मिली थी।
2000 से ज्यादा पर 3000 से कम अंतर पर हार-जीत वाली सीटें
सात सीटों पर हार-जीत का अंतर दो हजार से ज्यादा पर तीन हजार से कम रहा था। इनमें तीन सीटें भाजपा के पास, जबकि चार सीटों पर टीएमसी का कब्जा हुआ। इनमें सबसे चर्चित सीट बनगांव दक्षिण की रही, जहां भाजपा के स्वपन मजूमदार 2004 वोटों से जीते थे।
5000 से 10,000 वोटों के अंतर से जीत-हार तय करने वाली सीटें
बंगाल में कुल 33 सीटों पर जीत-हार का अंतर 5000 से 10,000 वोटों के बीच रहा। इनमें से 24 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की। वहीं, भाजपा को महज नौ सीटों पर ही जीत मिल पाई। जिन अहम सीटों पर हार-जीत इस अंतर से तय हुईं, उनमें हावड़ा उत्तर से लेकर आरमबाग और कटवा से लेकर बैरकपुर तक की सीटें शामिल रहीं। इन सभी सीटों पर इस बार भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ताकत झोंकी है।