जानकारी के मुताबिक, यह घटना शाम सवा छह बजे उस वक्त घटी, जब ममता रियापारा इलाके में एक मंदिर में प्रार्थना के बाद बिरूलिया जाने वाली थीं। उन्होंने बताया कि मैं अपनी कार के बाहर खड़ी थी, जिसका दरवाजा खुला था। मैं वहां से मंदिर में प्रार्थना कर रही थी। कुछ लोग मेरी कार के पास आए और दरवाजे को धक्का दिया। कार का दरवाजा मेरे पैर में लग गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चोट लगने की वजह से उनके पैर में सूजन आ गई और उन्हें बुखार जैसा लग रहा है। बता दें कि ममता के चोटिल होने का असर उनके चुनावी अभियान पर पड़ा है और उनके कई कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। फिलहाल, कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस घटना से ममता बनर्जी का कोर वोटर उनके साथ और मजबूती से जुड़ सकता है। वहीं, अगर बंगाल में सहानुभूति का दौर चला तो भी टीएमसी को फायदा हो सकता है।
ममता बनर्जी के चोटिल होने को लेकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रशासन पर हमला बोला। भाजपा ने सवाल पूछा कि घटना के वक्त पुलिस-प्रशासन क्या कर रहा था? मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात लोग क्या कर रहे थे? इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। हालांकि, भाजपा नेता और पार्टी के पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह ममता की सहानुभूति पाने की कोशिश है, क्योंकि बंगाल की जमीन उनके हाथ से खिसक गई है। वह नाटक कर रही हैं। 200-300 पुलिसकर्मियों के होते हुए उन पर कौन हमला कर सकता है?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने ममता बनर्जी को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि सहानुभूति हासिल करने के लिए यह 'सियासी पाखंड' है। वह नंदीग्राम के विपरीत हालात देखकर 'नौटंकी' कर रही हैं। वह सिर्फ सीएम ही नहीं, पुलिस की भी मंत्री हैं। क्या आप मान सकते हैं कि पुलिस मंत्री के साथ पुलिसकर्मी नहीं थे?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस घटना की निंदा की। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि मैं ममता दीदी पर हमले की कड़ी निंदा करता हूं। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें सजा दी जानी चाहिए। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
ममता बनर्जी को चोट लगने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रिया की बाढ़ आ गई। इस दौरान काफी यूजर्स ने ममता बनर्जी के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। देशभक्त सुमन चटर्जी नाम के एक यूजर ने लिखा कि ममता बनर्जी हम इंडिया आपके साथ हैं। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे दीदी की नौटंकी करार दिया। आशीष ठाकुर नाम के यूजर ने लिखा कि खेला होबे, ऐसे होबे तो काम कैसे होबे।