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त्रिपुरा मुद्दे पर गरजीं ममता: संविधान की परवाह नहीं करती मोदी सरकार, सुप्रीम कोर्ट का निर्णय भी मानने को तैयार नहीं

Mon, 22 Nov 2021 03:48 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की राज्य सचिव सयोनी घोष की गिरफ्तारी और टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले की घटना के बाद से भाजपा और टीएमसी के बीच तकरार लगातार जारी है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा त्रिपुरा में उनके बड़े नेताओं की रैलियां नहीं होने दे रही है। इसे लेकर टीएमसी सांसद सोमवार की सुबह से ही केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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सयोनी घोष की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग या फिर केंद्रीय गृह मंत्री या (धारा) 355 कहां है? भारत सरकार की ओर से त्रिपुरा को कितने नोटिस भेजे गए हैं? वे संविधान की परवाह नहीं करते, वो केवल लोगों को धोखा देना जानते हैं। आखिरकार उनकी हार होनी तय है।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की हो रही अवहेलना: बनर्जी
बनर्जी ने कहा कि मैं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिलूंगी। वो सहकारी संघवाद के नाम पर सत्ता पर कब्जा करना चाहते हैं और संघीय ढांचे तो नष्ट कर देना चाहते हैं। त्रिपुरा का मुद्दा दिल्ली, मुंबई और हर जगह उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के हर फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन यह सरकार सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों को भी नहीं मान रही है। यह अदालत की अवमानना है। प्रशासन, भाजपा और खुद मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि मैं आज दिल्ली जा रही हूं और बीएसएफ व बंगाल में विकास से संबंधित अन्य मुद्दों को लेकर मुझे परसों प्रधानमंत्री से मिलना है। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के सभी सांसद, जो सुबह से धरने पर बैठे हैं, उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया है। मैं अपनी एकजुटता व्यक्त करने जा रही हूं।
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त्रिपुरा में 'खेला होबे' नहीं 'विकास होबे': लॉकेट चटर्जी
उधर, भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा कि खेला होबे का मतलब 60 कार्यकर्ताओं की मौत है, एक लाख मजदूरों का पलायन है। इसका मतलब सामूहिक दुष्कर्म और महिलाओं पर अत्याचार है। अगर बंगाल में यह खेला होबे का मतलब है तो त्रिपुरा में कोई खेला होबे नहीं होगा। हम विकास होबे चाहते हैं। 

चटर्जी ने कहा कि अगर ममता बनर्जी विपक्ष का चेहरा (2024 चुनाव में) होती हैं तो यह हिंसा बनाम प्रधानमंत्री मोदी जैसी आदर्श शख्सियत होगा। सब जानते हैं कि उन्होंने बंगाल में क्या किया। बनर्जी के दिल्ली दौरे को लेकर भाजपा सांसद ने कहा कि यह हमारे लिए अच्छा होगा लेकिन हम जानते हैं कि वह बार-बार दिल्ली आती हैं और खाली हाथ वापस जाती हैं।

आज शाम दिल्ली पहुंचेंगी बनर्जी, तैयार करेंगी रणनीति
आज शाम ममता बनर्जी दिल्ली पहुंच रही हैं जहां वह विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात करने वाली हैं। इस दौरान मोदी सरकार को घेरने के लिए वे रणनीति भी तैयार करेंगी। इसके अलावा त्रिपुरा के मुद्दे पर धरना देने के लिए टीएमसी के 16 सांसद भी दिल्ली पहुंच चुके हैं।

इन सभी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का वक्त मांगा है। वहीं ताजा जानकारी के अनुसार त्रिपुरा मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा दी गई अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है। मामले की सुनवाई कल यानी मंगलवार को होगी।
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