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बंगाल विधानसभा में मारपीट: भाजपा-टीएमसी के विधायक भिड़े, एक घायल, शुभेंदु अधिकारी समेत पांच निलंबित

Mon, 28 Mar 2022 01:26 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

हाथापाई के मामले में स्पीकर ने कार्रवाई करते हुए भाजपा के पांच विधायकों को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया। जिन नेताओं को सस्पेंड किया गया है, उनमें शुभेंदु अधिकारी, मनोज तिग्गा, नराहरी महतो, शंकर घोष, दीपक बरमन का नाम शामिल है।
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सदन में हुई मारपीट के बाद भाजपा नेताओं ने टीएमसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के विधायक आपस में भिड़ गए। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच नौबत मारपीट तक आ गई। बताया गया है कि टीएमसी विधायक असित मजूमदार और भाजपा के मनोज तिग्गा ने एक-दूसरे पर हमला किया। इसमें टीएमसी नेता घायल हो गए। इस मामले में स्पीकर ने बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत भाजपा के पांच विधायकों को सस्पेंड कर दिया। 
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किस बात पर हुआ था विवाद?
पश्चिम बंगाल विधानसभा में आज सुबह से ही विपक्ष ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान की मांग शुरू कर दी। इसी को लेकर टीएमसी के विधायक भड़क उठे और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते ये बहस मारपीट में बदल गई। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि वे बीरभूम में हुई कथित हत्याओं पर चर्चा चाहते थे, जिस पर हंगामे के बाद टीएमसी विधायकों ने धक्कामुक्की-मारपीट की। बाद में स्पीकर ने कार्रवाई करते हुए पांच विधायकों को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया। जिन नेताओं को सस्पेंड किया गया है, उनमें शुभेंदु अधिकारी, मनोज तिग्गा, नराहरी महतो, शंकर घोष, दीपक बरमन का नाम शामिल है। इसके बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में लगभग 25 भाजपा विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट किया और दावा किया कि सदन के अंदर तृणमूल कांग्रेस के विधायकों द्वारा उनकी पार्टी के कई विधायकों के साथ मारपीट की गई।

क्या बोले भाजपा नेता?
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मारपीट की घटना और स्पीकर द्वारा सस्पेंड किए जाने के फैसले पर टीएमसी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, "सदन का आखिरी दिन होने के चलते हमने राज्य के कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग की। ऐसा न होने के बाद संवैधानिक तरीके से विरोध किया जिसके बाद सिविल ड्रेस पहने पुलिस कर्मी और TMC के विधायकों ने हमारे (भाजपा के) विधायकों को मारा।" उन्होंने कहा, "तृणमूल कांग्रेस, उनके गुंडे और पुलिस के खिलाफ हमारा मार्च है। इसको लेकर हम स्पीकर के पास भी जाएंगे। बंगाल में जो हालत है उसको लेकर केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।"
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अधिकारी ने कहा, ‘‘विधायक, सदन के भीतर भी सुरक्षित नहीं है...तृणमूल के विधायकों ने सचेतक मनोज तिग्गा सहित हमारे कम से कम 8-10 विधायकों के साथ मारपीट की, क्योंकि हम कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान की मांग कर रहे थे।’’

टीएमसी का क्या बयान?
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा, विधानसभा में अराजकता फैलाने के लिए नाटक कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘ सदन में हमारे कुछ विधायक घायल हो गए हैं। हम भाजपा के इस कृत्य की निंदा करते हैं।’’
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