उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री को मणिपुर पर बयान देना चाहिए। यह शर्म की बात है कि प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर जा सकते हैं, लेकिन मणिपुर नहीं जा सकते।' बनर्जी ने कहा, 'अगर प्रधानमंत्री मणिपुर में शांति बहाल करने में असमर्थ हैं, तो हमें (इंडिया को) शांति बहाल करने की अनुमति दी जाए।'
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'चर्चा अवैध है क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है।' उन्होंने कहा, 'हम मणिपुर पर चर्चा की अनुमति देने के इस अवैध फैसले के खिलाफ अदालत का रुख करेंगे। यह संघीय ढांचे के लोकाचार के खिलाफ है।' चर्चा में भाग लेने वाली भाजपा ने मुख्यमंत्री के भाषण के बाद सदन से बॉयकॉट किया।
सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मैंने सदन के अंदर भी कड़ा विरोध किया और बाहर भी प्रदर्शन करूंगा। यह एक विचाराधीन मामला है और यह सुप्रीम कोर्ट में है। उन्होंने (टीएमसी) गैरकानूनी काम किया है। हमारा वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है।
एनसीडब्ल्यू की टीम हावड़ा रवाना, मालदा भी जाएगी
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम अध्यक्ष रेखा शर्मा के साथ हावड़ा जा रही है। टीम यहां महिला के खिलाफ क्रूरता के भयानक मामले की जांच करेगी। एनसीडब्ल्यू ने एक ट्वीट में कहा कि इसके बाद वे मालदा जाएंगे, जहां कुछ दिन पहले इसी तरह की एक घटना में दो आदिवासी महिलाओं को कथित तौर पर निर्वस्त्र किया गया, प्रताड़ित किया गया और बेरहमी से पीटा गया। एनसीडब्ल्यू के ट्वीट में लिखा कि एनसीडब्ल्यू की टीम चेयरपर्सन के साथ कोलकाता में है और एक महिला के साथ राजनीतिक गुंडों द्वारा बेरहमी से मारपीट, छेड़छाड़ और निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने के भयावह मामले की जांच करने के लिए हावड़ा जा रही है।