पश्चिम बंगाल चुनाव के आखिरी चरण के लिए अरविंद केजरीवाल कोलकाता पहुंचे हैं। वह ममता बनर्जी के समर्थन में प्रचार करेंगे। इस बात भाजपा और टीएमसी के बीच कड़ा मुकाबला है। विपक्षी एकजुटता के बीच 29 अप्रैल को होने वाला मतदान राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण से पहले INDIA गठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शनिवार रात कोलकाता पहुंचे। यहां वह औपचारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव प्रचार में शामिल हो गए। पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण का मतदान होना है। इससे पहले 23 अप्रैल को हुए पहले चरण में 92.88 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था।
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अरविंद केजरीवाल का यह दौरा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। भाजपा इस चुनाव में टीएमसी को कड़ी टक्कर दे रही है। केजरीवाल की मौजूदगी केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी एकजुटता का संदेश देगी। उनका मुख्य ध्यान शहरी क्षेत्रों और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) जैसे मुद्दों पर रहने की संभावना है। बुधवार को होने वाले दूसरे चरण में कोलकाता और दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। 294 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए यह चरण हार-जीत का फैसला करने वाला साबित हो सकता है।
उम्मीद है कि केजरीवाल टीएमसी नेताओं के साथ मिलकर संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों की बात करेंगे। वह दिल्ली और पंजाब में अपनी सरकार के कामकाज के तरीके को कोलकाता के मध्यम वर्ग और पेशेवरों के सामने रखेंगे और मतदाताओं को लुभाने की कोशिश करेंगे। उनसे पहले हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव जैसे नेता भी ममता बनर्जी के लिए प्रचार कर चुके हैं।
दूसरी तरफ, भाजपा भी अपनी जीत का दावा कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि पहले चरण की सीटों पर भाजपा को बढ़त मिली है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी का समर्थन बढ़ा है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने लिए शीश महल बनाया है। नबीन ने राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर कहा कि नेता अब पीएम मोदी के साथ मिलकर देश के विकास के लिए काम करना चाहते हैं।
इस बीच, ममता बनर्जी ने अमित शाह के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज करने का एलान किया है। उन्होंने शाह के उल्टा लटका देने वाले बयान को हिंसक बताया। ममता ने कहा कि एक गृह मंत्री को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। उन्होंने साफ किया कि भाजपा का यह डराने वाला तरीका बंगाल के मतदाताओं पर काम नहीं करेगा। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 152 सीटों पर भारी मतदान हुआ है। अब सबकी नजरें 29 अप्रैल के मतदान और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।