गुवाहाटी से लापता महिला को पुलिस ने शिलॉन्ग से सुरक्षित बरामद किया है। जांच में सामने आया कि यह अपहरण का मामला नहीं है। महिला अपनी मर्जी से शिलॉन्ग गई थी। पुलिस के अनुसार वह मानसिक तनाव से जूझ रही है। फिलहाल मामले में आगे जांच जारी है।
गुवाहाटी से लापता हुई 25 साल की एक महिला को पुलिस ने मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से सुरक्षित बचा लिया है। शनिवार सुबह पुलिस को यह कामयाबी मिली। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह अपहरण का मामला नहीं है। महिला अपनी मर्जी से शिलॉन्ग गई थी। वह इस समय निजी और मानसिक परेशानियों से जूझ रही है।
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क्या है मामला?
यह महिला गुवाहाटी के एक निजी स्कूल में पहले शिक्षिका थी। शुक्रवार दोपहर को उसके परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे अपने घर से निकली थी। उसने घरवालों को बताया था कि वह अपने पुराने स्कूल से पिछले महीने की तनख्वाह लेने जा रही है। जब वह वापस नहीं लौटी, तो परिवार की चिंता बढ़ गई और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी।
इसके बाद पुलिस जांच में महिला के सफर की पूरी जानकारी सामने आई है। घर से निकलने के बाद उसने एक बाइक टैक्सी ली और जालुकबारी के एईसी पॉइंट पहुंची। वहां उसने एक एटीएम से 7,000 रुपये निकाले। इसके बाद वह बस से पलटन बाजार गई और वहां से शिलॉन्ग के लिए एक कैब किराए पर ली। गुवाहाटी से करीब 100 किलोमीटर दूर शिलॉन्ग पहुंचकर वह रात भर एक होटल के कमरे में अकेली रुकी।
पुलिस ने क्या कहा?
ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक स्यिम ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 8 बजे ट्रैफिक पुलिस ने महिला को पोलो ग्राउंड के पास देखा। वह काफी घबराई हुई और परेशान दिख रही थी। वह ठीक से यह भी नहीं बता पा रही थी कि वह शिलॉन्ग कैसे पहुंची। पुलिस उसे सदर थाने ले गई और उसका मेडिकल चेकअप कराया। इसके बाद गुवाहाटी पुलिस को खबर दी गई।
असम पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बनाई थी। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम शिलॉन्ग पहुंची और शनिवार शाम को महिला को वापस गुवाहाटी ले आई। गुवाहाटी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला मानसिक रूप से तनाव में है। उसने शिलॉन्ग जाने की कोई पहले से योजना नहीं बनाई थी। पुलिस अब महिला के बयानों की जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।