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Bengal: ममता सरकार से बैठक के लिए तैयार आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टर, लेकिन भूख हड़ताल खत्म करने की शर्त ठुकराई

Sun, 20 Oct 2024 07:22 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों से अपील की थी कि वह अपनी भूख हड़ताल को खत्म करें। ममता ने दावा गकिया था कि उनकी ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। हालांकि, जूनियर डॉक्टरों की राज्य के स्वास्थ्य सचिव को हटाने की मांग को नहीं माना गया।
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कोलकाता की घटना के विरोध में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर।। - फोटो : अमर उजाला।
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पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के दुष्कर्म-हत्या मामले में राज्य सरकार और डॉक्टरों के बीच टकराव बना हुआ है। दरअसल, डॉक्टर लगातार सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से कुछ मामलों में प्रतिक्रिया न आने और अन्य मांगों को नकारे जाने के चलते डॉक्टरों ने प्रदर्शन जारी रखा है। इस बीच जूनियर डॉक्टरों ने कहा है कि वह सोमवार को बंगाल सरकार के साथ मांगों को लेकर बैठक में शामिल होंगे, लेकिन भूख हड़ताल पर फैसला इस बैठक के नतीजों के बाद ही होगा।
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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों से अपील की थी कि वह अपनी भूख हड़ताल को खत्म करें। ममता ने दावा गकिया था कि उनकी ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। हालांकि, जूनियर डॉक्टरों की राज्य के स्वास्थ्य सचिव को हटाने की मांग को नहीं माना गया। चिकित्सक स्वास्थ्य सचिव निगम को हटाने के अलावा चिकित्सा महाविद्यालयों में चुनाव कराने की भी मांग कर रहे हैं।

बंगाल के जूनियर डॉक्टरों की सामान्य निकाय की बैठक के बाद प्रदर्शनकारी डॉक्टर देबाशीष हल्दर ने कहा, "हम बैठक में हिस्सा लेंगे, लेकिन उससे पहले भूख हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी। बैठक में होने वाले निर्णयों के बाद ही फैसला होगा कि प्रदर्शन किस रूप में जारी रहेगा।
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बता दें कि मुख्य सचिव मनोज पंत ने जूनियर डॉक्टरों को सोमवार को सीएम ममता बनर्जी से 45 मिनट की चर्चा के लिए राज्य सचिवालय बुलाया है। हालांकि, इसके लिए भूख हड़ताल खत्म करने की शर्त रखी गई है। इस बीच जूनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम के इस्तीफे की मांग जारी रखी है।

पांच अक्तूबर से हड़ताल पर कई जूनियर डॉक्टर
हल्दर ने भूख हड़ताल में शामिल होने वालों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की और बताया कि मौजूदा समय में भूख हड़ताल कर रहे आठ डॉक्टरों में से तीन पांच अक्तूबर से, दो 11 अक्तूबर से, एक 14 अक्तूबर से और दो 15 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। भूख हड़ताल करने वाले छह अन्य चिकित्सक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

मुख्य सचिव मनोज पंत और गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने भी शनिवार को एस्प्लेनेड स्थित धरनास्थल का दौरा किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने फोन के जरिए प्रदर्शनकारी चिकित्सकों से बात करते हुए कहा था, ‘‘हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ना चाहिए। मैं आप सभी से अनुरोध करूंगी कि आप अपनी भूख हड़ताल वापस ले लें।’’आंदोलनकारी चिकित्सकों के साथ राज्यभर के उनके सहकर्मी भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे 22 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल में सभी चिकित्सा पेशेवरों की हड़ताल आयोजित कर विरोध और तेज करेंगे।

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