पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ। निर्वाचन आयोग की बैठक की खबर आने के साथ ही राज्य प्रशासन में हलचल मच गई। अब चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या बंगाल में जल्द ही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने वाला है। इसी सियासी सरगर्मी के बीच नबान्न ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए एक ही दिन में 17 आईएएस अधिकारियों सहित कुल 64 अधिकारियों का तबादला कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, दार्जिलिंग, मालदा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और कोचबिहार समेत कई जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को बदला गया है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ जिला अधिकारियों का तबादला राज्य में अभूतपूर्व माना जा रहा है।
नबान्न की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 10 जिलाधिकारियों, 24 एडीएम, 15 एसडीओ और 10 ओएसडी का स्थानांतरण किया गया है।
मुख्य तबादलों में
- उत्तर 24 परगना के डीएम शरद कुमार द्विवेदी को स्वास्थ्य एवं जनकल्याण विभाग में भेजा गया है।
- दक्षिण 24 परगना के डीएम सुमित गुप्ता को कोलकाता नगर निगम के म्यूनिसिपल कमिश्नर पद पर नियुक्त किया गया है।
- एचआईडीसीओ के डीएम शशांक सेठी को उत्तर 24 परगना का नया जिला शासक बनाया गया है।
- कूच बिहार के डीएम अरविंद कुमार मीणा अब दक्षिण 24 परगना के डीएम होंगे।
- मुर्शिदाबाद के डीएम राजर्षि मित्रा को एचआईडीसीओ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- पुरुलिया के डीएम रजत नंदा को पर्यटन विभाग का निदेशक बनाया गया है।
- दार्जिलिंग की डीएम प्रीति गोयल अब मालदा की नई डीएम होंगी।
- मालदा के डीएम नीतिन सिंघानिया को मुर्शिदाबाद का डीएम नियुक्त किया गया है।
- कोलकाता म्यूनिसिपल कमिश्नर धवल जैन अब बीरभूम के डीएम होंगे।
- पूर्व मिदनापुर की जिम्मेदारी अब यूनिस ऋषिन इस्माइल को दी गई है, जबकि कूच बिहार के नए डीएम होंगे राजू मिश्रा।
चुनाव से पहले इस तरह का व्यापक तबादला आमतौर पर निर्वाचन आयोग के निर्देश पर किया जाता है, लेकिन इस बार आयोग की औपचारिक घोषणा से पहले ही नबान्न ने इतने बड़े पैमाने पर अधिकारियों को बदला है। इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या सरकार ने यह फैसला किसी संभावित पक्षपात के आरोपों से बचने के लिए पहले ही उठा लिया। फिलहाल, बंगाल का नौकरशाही तंत्र इन तबादलों के बाद पूरी तरह नए समीकरण में दिख रहा है।