विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष गहरी और गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एक भूमंडलीकृत दुनिया में किसी भी जगह संघर्ष होने से सभी जगह समस्याएं पैदा होती हैं। जयशंकर ने यह टिप्पणी 'आईसी सेंटर फॉर गर्वनेंस' में आयोजित एक कार्यकम के दौरान की।
उन्होंने कहा, 'पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ता जा रहा है। पहले हमने एक आतंकवादी हमले को देखा, फिर उस पर प्रतिक्रिया को देखा। फिर गाजा में जो हुआ, अब वही हम लेबनान में देख रहे हैं। इस्राइल और ईरान के बीच गोलीबारी हो रही है। हूती लाल सागर में गोलीबारी कर रहे हैं। यह सब वास्तव में हमें भी प्रभावित कर रहा है।'
जयशंकर ने कहा, 'किसी संघर्ष में कोई तटस्थ नहीं रहता। लेकिन सभी को इसके नतीजे भुगतने पड़ते हैं।' उन्होंने कहा, 'शिपिंग की दरें बढ़ गई हैं। बीमा दरें बढ़ गई हैं। विदेशी व्यापार प्रभावित हो रहा है। तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। पिछले दिनों ईरानी मिसाइल हमले के बाद बाजार में गिरावट आई है।'
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'इन संघर्षों का फायदा उठाया जा सकता है, मैं इस बात से इनकार नहीं करता। लेकिन एक भूमंडलीकृत दुनिया में कहीं भी संघर्ष वास्तव में हर जगह समस्याएं पैदा करता है। इससे किसी न किसी तरह की आपूर्ति प्रभावित होगी।'
जयशंकर ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो आज स्थिति यह है कि चाहे वह यूक्रेन का संघर्ष हो या पश्चिम एशिया का...दोनों अस्थिरता के बड़े कारक और चिंता का विषय हैं। पूरी दुनिया जिसमें हम भी शामिल हैं, इस पर चिंतित है। हम यह देखने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या कुछ किया जा सकता है और हम क्या कर सकते हैं।'
इससे पहले, भारत में ईरानी राजदूत इराज इलाही ने कहा कि भारत एक बड़ी ताकत और वैश्विक दक्षिण की आवाज है और पश्चिम एशिया के तनाव को कम करने में अपनी भूमिका निभा सकता है।