उत्तर भारत समेत दिल्ली-एनसीआर के लोगों ने लंबे इंतजार के बाद प्री-मानसून बारिश का मजा मिला। बीते एक पखवाड़े से उत्तर-पूर्वी भारत बुरी तरह गर्मी से झुलस रहे थे। दिन में भयंकर गर्मी और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया है। हालांकि गुरुवार रात से दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने दस्तक दी। शुक्रवार दिन और शनिवार रात को हल्की बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया। इससे लोगों को गर्मी से भी राहत मिली है। 22 जून से मौसम के साफ होने की उम्मीद है। हालांकि अभी मौसम विभाग ने राजधानी में मानसून की दस्तक को लेकर कोई संभावित तिथि घोषित नहीं की है। सामान्य तौर पर 27 जून तक राजधानी में मानसून आता है।
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान, पूर्वोत्तर भारत में मध्यम से भारी बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश संभव है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पूर्वोत्तर बिहार, केरल के कुछ हिस्सों, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों, रायलसीमा और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है। पंजाब और लक्षद्वीप लक्ष्यदीप में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
जबकि बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर और पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, पूर्वी गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की बारिश संभव है।
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, एक ट्रफ रेखा हरियाणा से उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम होते हुए नागालैंड तक फैली हुई है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। ट्रफ रेखा इस चक्रवाती परिसंचरण से उत्तर पश्चिमी अरब सागर तक फैली हुई है।