धरती मां की सेवा कर अपनी मेहनत मजदूरी से देश भर के लोगों का पेट पालने वाले अन्नदाता पर इस बार भी मौसम की तगड़ी मार पड़ी है। उत्तर प्रदेश के किसान कहीं बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि से तो कहीं सूखे से परेशान हैं, उनकी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
कृषि विभाग के अनुमान के मुताबिक राज्य के 35 जिलों में फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। बारिश व ओलावृष्टि से राज्य के पश्चिमी जिलों में जहां करीब 20 से 25 फीसदी तो पूर्वांचल में 25 से 30 फीसदी फसलें चौपट हो गई हैं।
कृषि विभाग के मुताबिक जहां तेज हवा, बारिश-ओलावृष्टि से पश्चिमी यूपी के 12 जिलों में फसलें प्रभावित हुई हैं वहीं बुंदेलखंड में सूखे से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि से वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में दलहनी व तिलहनी के साथ ही गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
पूर्वांचल में 30 फीसदी फसल पर मौसम की मार पड़ी
खेत
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आरपी सिंह के मुताबिक पूर्वांचल में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से दलहन की 40, तिलहन की 30 फीसदी से अधिक जबकि गेहूं की 20 से 25 फीसदी फसल बरबाद हुई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भी पूर्वांचल में गेहूं की करीब 20 फीसदी फसल पर मौसम की मार पड़ी है। आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से पूर्वांचल में भदोही, सोनभद्र सहित लगभग आधे दर्जन जिलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे कर्ज में डूबे किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
आगरा जिले की बाह तहसील के नौ और खेरागढ़ के पांच गांवों में गेहूं-सरसों की फसल को 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। कानपुर में 15 फीसदी, मथुरा में 5 से 10 जबकि अन्य जगहों पर 10 से 15 फीसदी फसलों के प्रभावित होने का अनुमान है, वहीं बरेली जिले में क्षति का औसत तीन फीसदी है। वहीं फीरोजाबाद में गेहूं, जौ के साथ आलू की फसल भी प्रभावित हुई है।