मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखा जा रहा है। यह असर अगले दो दिनों तक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के तौर पर बना रहेगा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक वीरेंद्र कुमार कहते हैं कि इस इलाके में बनने वाले दबाव के चलते मौसम में परिवर्तन देखा जा सकता है। जिसमें पंजाब और हरियाणा के कुछ अलग-अलग हिस्सों में घने से घने कोहरे जैसी परिस्थितियां बनने वाली है।
सखीजा कहते हैं कि पंजाब और हरियाणा के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक यह घना कोहरा छाया रह सकता है। बिहार में कोहरे की संभावना शनिवार और रविवार को सबसे ज्यादा बन रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्रवार से लेकर सोमवार तक हिमालय रीजन से लगते मैदानी इलाकों में कोहरे के बढ़ने की संभावनाएं लगातार बना रही है।
वैज्ञानिकों का कहना है इसके अलावा अगले कुछ दिनों में न्यूनतम पारे में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक हिमालय के पश्चिमी हिस्से में बर्फबारी का अनुमान लगाया जा रहा है। यह बर्फबारी अब ऊपरी हिस्सों साथ-साथ कुछ निचले हिस्सों में भी पड़ने वाली है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि आइसोलेटेड पश्चिमी हिमालय रेंज में साढ़े छह से सात हजार फीट पर बर्फबारी हो सकती है। इसी वजह से चलने वाली हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में तापमान कम हो सकता है।
हालांकि, मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अभी न्यूनतम पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। जोकि दो से चार डिग्री के करीब गिरने का अनुमान है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक वीरेंद्र कहते हैं कि जैसे-जैसे पहाड़ों पर बर्फबारी ज्यादा होती जाएगी मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ता जाएगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के मैदानी हिस्से, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत पश्चिम बंगाल के इलाके में 20 दिसंबर के बाद दिन के पारे में भी तेजी से गिरावट शुरू हो जाएगी।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस वक्त पहाड़ी इलाकों और उसके तलहटी में बसे इलाकों में सबसे तेजी से पारा कम हो रहा है। राजस्थान के चूरू और माउंट आबू इलाके में न्यूनतम पारा अभी से सबसे कम होने लगा है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर उत्तर भारत के हिस्सों में तापमान गिर रहा है तो दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में अभी भी तेज बारिश की संभावना बनी है।
दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में अगले दो दिनों तक तेज बारिश के आसार बन रहे हैं। जबकि नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों में भी लगातार ऊपरी हिस्से में विक्षोभ के दबाव के चलते बारिश के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक चक्रवाती तूफान मिचौंग का पूर्वी समुद्र तटों पर प्रभाव अब तकरीबन कम हो चुका है। लेकिन मौसम के बदलाव के कारण दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में लगातार बारिश का अनुमान लगाया जा रजा है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा कहते हैं कि उत्तर भारत में फिलहाल अगले कुछ दिनों में रातों के तापमान में गिरावट होगी। उसके बाद धीरे-धीरे दिन के तापनान में भी गिरावट दर्ज होनी शुरू हो जाएगी। फिलहाल अभी घने कोहरे के आसार बनते जा रहे हैं।