तृणमूल कांग्रेस की महिला सांसद- महुआ मोइत्रा को लोक सभा से बर्खास्त कर दिया गया है। सांसदी छिनने पर विपक्षी पार्टियां आक्रामक तेवर दिखा रही हैं। लोक सभा सांसद पर 'संसद में सवाल के बदले पैसा' मामले में कार्रवाई हुई है। जानिए किसने क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने पर राजनीतिक उबाल एक बार फिर संसद में हंगामे का कारण बना। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि महुआ परिस्थितियों की शिकार हैं। सीएम ममता ने कहा कि वह महुआ को लोक सभा से बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा करती हैं। भावी राजनीति पर अहम बयान में ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इंडिया (INDIA) गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी।
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भाजपा की राजनीतिक विचारधारा और बीजेपी नेताओं की मुखर विरोधी रहीं ममता ने 'संसद में सवाल के बदले पैसा' विवाद पर कार्रवाई के बाद कहा, आज सत्तारूढ़ पार्टी का रवैया देखकर दुख हो रहा है।उन्होंने लोकतंत्र को धोखा दिया और महुआ को अपना रुख स्पष्ट करने की अनुमति नहीं दी गई। संसद में सरासर अन्याय हुआ है। टीएमसी के अलावा शिवसेना, आरएसपी, बसपा और कांग्रेस के सांसदों ने भी लोकसभा से बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की मुखर निंदा की।
शिवसेना ( उद्धव बालासाहेब ठाकरे या यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, इस मामले में केवल आरोप लगाने वाले व्यक्ति के बयान के आधार पर निर्णय लिया गया। उन्होंने बर्खास्त किए जाने के निर्णय को न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत के खिलाफ करार दिया। केरल की राजनीतिक पार्टी- आरएसपी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा, हर कोई जानता है कि महुआ अदाणी और पीएम मोदी पर जोरदार हमला करती रही हैं। यही कारण है कि महुआ को बिना किसी उचित कारण के निष्कासित कर दिया गया।
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा, उन्होंने (सरकार) हमें बोलने नहीं दिया। उन्होंने लोकतांत्रिक परंपरा को खत्म करने की कोशिश की...इस अन्याय के खिलाफ INDIA गठबंधन की पार्टियां एक साथ आईं। महुआ मोइत्रा को न्याय नहीं दिया गया है।
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने महुआ की सांसदी छिनने की कार्रवाई पर कहा, आधारहीन तथ्यों के आधार पर बदले की भावना से महुआ को लोक सभा से बर्खास्त किया गया है। बसपा सांसद दानिश अली ने संसद परिसर में पीड़ित को दोषी न मानें (Do not Turn Victim into Culprit) का पोस्टर गले में पहनकर पहुंचे। महुआ पर कार्रवाई का विरोध करने के अनोखे तरीके पर दानिश ने कहा, ''मैंने यह (पोस्टर) इसलिए लगाया है क्योंकि समिति ने अपनी सिफारिश में मेरा भी जिक्र किया है। मैं उन्हें न्याय दिलाना चाहता हूं। महुआ को बोलने का मौका नहीं दिया गया है।