असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच अपने-अपने राज्यों में शिक्षा क्षेत्र में किए कामों को लेकर ट्विटर पर बहस छिड़ी हुई है। इसी क्रम में शनिवार को सरमा ने एक वीडियो पोस्ट किया है और केजरीवाल को टैग किया है।
एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए सरमा ने कहा, "जब तक मजबूर नहीं किया जाता, हम चुपचाप काम करना पसंद करते हैं।"
चाय बागान श्रमिकों के बच्चों के लिए स्थापित किए 100 विद्यालय
उन्होंने कहा, "इस शैक्षणिक सत्र में हमने चाय बागान श्रमिकों के बच्चों के लिए 100 माध्यमिक विद्यालय स्थापित किए हैं, 100 और पाइपलाइन में हैं। चाय बागान असम के सुदूर हिस्सों में स्थित हैं।"
65 लाख से अधिक छात्रों को पढ़ा रहे दो लाख से अधिक शिक्षक
वीडियो में दावा किया गया है कि असम में एक मजबूत स्कूली शिक्षा प्रणाली है जिसमें दो लाख से अधिक शिक्षक 44,521 सरकारी स्कूलों में 65 लाख से अधिक छात्रों को पढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कुल 1.18 लाख मध्याह्न भोजन कार्यकर्ता लगाए गए हैं।
परियोजना के तीसरे में चरण में 10 कॉलेज
इसमें दावा किया गया है कि छात्रों के लिए इस शैक्षणिक सत्र में जहां 100 माध्यमिक विद्यालय खोले गए हैं, वहीं 100 और स्कूल और 10 कॉलेज परियोजना के तीसरे चरण में हैं। 'हम गुणवत्ता प्रदान करना पसंद करते हैं, चुपचाप' लाइन के साथ यह वीडियो समाप्त हुआ।
ट्विटर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच लंबे समय से चल रही जंग
दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच काफी समय से ट्विटर पर जुबानी जंग चल रही है, दोनों एक दूसरे को अपने राज्य का दौरान करने और किए गए विकास कार्यों को देखने के लिए कह रहे हैं।
केजरीवाल को टैग करते हुए सरमा ने शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी सरकार की उपलब्धियों को साझा किया।
स्कूलों के विलय को लेकर केजरीवाल ने साधा था निशाना
यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली के मुख्यमंत्री ने असम में खराब परिणामों के कारण स्कूलों के विलय की खबर को लेकर कहा था कि स्कूलों को बंद करना कोई समाधान नहीं है।