पद्मश्री पुरस्कार विजेता और आदिवासी आइकन कमला पुजारी को कटक के एक अस्पताल में छुट्टी के दौरान डांस के लिए मजबूर करने का मामला तूल पकड़ रहा है। ओडिशा के एक अन्य आदिवासी समूह ने कथित तौर पर बीमार कमला पुजारी को नचाने वाली महिला सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, महिला सामाजिक कार्यकर्ता बेहरा ने दावा किया था कि डांस कराने के पीछे उनका कोई बुरा इरादा नहीं था। वह पुजारी के आलस्य को दूर करना चाहती थीं।
आदिवासी समाज व अन्य लोगों की नाराजगी को देखते हुए एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अधिकारियों ने घटना की जांच के लिए चिकित्सा विभाग के प्रमुख जयंत पांडा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। समिति में एससीबीएमसीएच के रजिस्ट्रार अविनाश राउत को भी शामिल गया हैं। ये अपनी रिपोर्ट अस्पताल अधीक्षक को सौंपेंगे।
जयंत पांडा ने बताया कि इस मामले में पहले ही डॉक्टरों, ड्यूटी पर तैनात नर्सों व अन्य के बयान दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि महिला सामाजिक कार्यकर्ता पुजारी के साथ जयपुर से थी। पांडा ने कहा कि अस्पताल के कर्मचारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता को प्रवेश की अनुमति दी क्योंकि वह पुजारी के साथ आई थी।
परजा आदिवासी समुदाय के अलावा भूमिया जनजाति के लोगों ने भी पुजारी (72) को नाचने के लिए मजबूर करने वाली महिला सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भूमिया आदिवासी समाज के नेता नरेंद्र कंडोलिया ने कहा कि शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जयपुर के सब कलेक्टर के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा, पद्मश्री कमला पुजारी सभी के लिए आदिवासियों का गौरव और प्रतीक हैं। आईसीयू में उन्हें नचाना दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
वीडियो वायरल में नचाती हुई नजर आई थी कमला पुजारी
यह घटना तब सामने आई जब एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुजारी अस्पताल के आईसीयू में डांस करती नजर आईं। वायरल वीडियो में सामाजिक कार्यकर्ता ममता बेहरा भी उनके साथ डांस करती नजर आईं थीं।
बीमार होने पर कराया गया था भर्ती
पुजारी को बुखार और दस्त की शिकायत के बाद जयपुर में जिला मुख्यालय अस्पताल (डीएचएच) में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत बिगड़ने पर 24 अगस्त को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीमारी से उबरने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। उधर, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। उनके इलाज के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम बनाई गई थी।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए मिला था पद्मश्री
पुजारी को 2019 में जैविक खेती को बढ़ावा देने और धान सहित विभिन्न फसलों के स्वदेशी बीजों की 100 से अधिक किस्मों को संरक्षित करने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।