भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि जहां तक भारत का सवाल है, बांग्लादेश के नागरिकों के हित हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की पुन: स्थापना की उम्मीद रखते हैं।
बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेशी नागरिकों के हितों की रक्षा को लेकर प्रतिबद्धता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि जहां तक भारत का सवाल है, बांग्लादेश के नागरिकों के हित हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की पुन: स्थापना की उम्मीद रखते हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार बांग्लादेश में हिंसा से जुड़ी खबरें अभी भी सामने आ रही हैं।
‘सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए’
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘विदेश मंत्री ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया है। हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। हमें यह भी सूचना मिली है कि बांग्लादेश में कुछ समुदायों के द्वारा अल्पसंख्यकों की मदद की जा रही है। हम इन कदमों का स्वागत करते हैं लेकिन, हमारा जोर इस बात पर भी है कि बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था को पुन: स्थापना की जाए। हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यह दोनों देशों के हितों की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है।’
‘भारत और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों की बात हुई’
बांग्लादेश के हालातों को लेकर ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के बीच बातचीत हुई। इस बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘कुछ घंटों पहले डॉ. एस जयशंकर और डेविड लैमी के बीच बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच बांग्लादेश और पश्चिमी एशिया के हालातों की प्रगति को लेकर चर्चा हुई।’
शेख हसीना को राजनीतिक शरण देने के मामले में क्या कहा?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को राजनीतिक शरण देने के मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमारे विदेश मंत्री इस बारे में पहले ही जानकारी दे चुके हैं कि शेख हसीना को अल्प अवधि में भारत आने की सूचना दी गई थी। जहां तक बांग्लादेश का सवाल है, वहां अभी भी हिंसा की स्थिति जारी है।’
भारत-जाम्बिया के बीच चौथे एफओसी का आयोजन
भारत और जाम्बिया के बीच चौथे विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का आयोजन 8 अगस्त, 2024 को लुसाका में किया गया। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, उच्च शिक्षा, व्यापार के साथ साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर समीक्षा की। इस दौरान रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खनिज संसाधन, छोटे और मध्यम उद्यम, सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष व्यक्त किया।