ईडी (Enforcement Directorate) उन स्रोतों का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी राशि किन खातों से इनके पास आई और कहां-कहां भेजी गई। जरूरत पड़ी तो एजेंसी खातों का फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) भी करवा सकती है।
बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले (WB SSC SCAM) की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) को इस मामले में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) के आठ बैंक खातों से आठ करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है। ईडी इन आठ खातों को पहले ही फ्रीज कर चुका है। ईडी अधिकारी अब इन खातों के जरिये हुए लेन-देन का पता लगा रहे हैं।
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ईडी (ED) उन स्रोतों का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी राशि किन खातों से इनके पास आई और कहां-कहां भेजी गई। जरूरत पड़ी तो एजेंसी खातों का फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) भी करवा सकती है। माना जा रहा है कि फिलहाल ईडी के पास पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) और अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) से जानकारी निकलवाने के लिए तीन दिन ही बचे हैं, क्योंकि रिमांड की अवधि तीन ही शेष है।
अर्पिता मुखर्जी के अलावा, पार्थ चटर्जी के दामाद कल्याणमय भट्टाचार्य और उनके मामा कृष्ण चंद्र अधिकारी भी जांच के दायरे में आई कंपनियों के निदेशक पाए गए हैं और आने वाले समय में इनकी जांच भी हो सकती है।
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बरामद पैसा मेरा नहीं : पार्थ
उधर, गिरफ्तार पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी ने रविवार को कहा कि ईडी के छापे के दौरान मिले करोड़ों रुपये उनके नहीं हैं। उन्होंने कहा, आने वाला समय बताएगा कि यह किसकी साजिश है। पार्थ को रविवार को जोका में ईएसआई अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के लिए ले जाया गया था। उसी दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह दावा किया।