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चीन की चालबाजी आई सामने: विश्व बैंक समूह बंद करेगा अपनी कारोबारी सुगमता रिपोर्ट 

Fri, 17 Sep 2021 09:12 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नई दिल्ली

सार

खुलासा हुआ है कि चीन के वरीयता क्रम को बढ़ाने के लिए 2017 में कुछ शीर्ष बैंक अधिकारियों द्वारा दबाव बनाया गया था। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। 
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भारत चीन - फोटो : iStock
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विस्तार
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दुनिया के सामने चीन की एक और चालबाजी और धोखाधड़ी सामने आई है। खुलासा हुआ है कि कुछ शीर्ष बैंक अधिकारियों ने चीन में कारोबारी सुगमता की बेहतर रैंकिंग दिखाने को लेकर दबाव बनाया था।  

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इसी के मद्देनजर विश्व बैंक समूह ने अनियमितताओं के आरोपों के बाद विभिन्न देशों में निवेश के माहौल पर अपनी कारोबारी सुगमता रिपोर्ट का प्रकाशन बंद करने का फैसला किया है।

चीन के वरीयता क्रम को बढ़ाने के लिए 2017 में कुछ शीर्ष बैंक अधिकारियों द्वारा कथित रूप से दबाव बनाने के कारण डेटा अनियमितताओं की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया।
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विश्व बैंक समूह ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि पिछली समीक्षाओं के निष्कर्षों, ऑडिट और बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल की ओर से आज जारी रिपोर्ट सहित कारोबारी सुगमता पर अब तक उपलब्ध सभी सूचनाओं की समीक्षा करने के बाद विश्व बैंक समूह प्रबंधन ने कारोबारी सुगमता रिपोर्ट को बंद करने का फैसला किया है। 

विश्व बैंक ने अपने बयान में कहा कि आगे हम व्यापार और निवेश के माहौल का आकलन करने के लिए एक नए नजरिए पर काम करेंगे। हम अपने उन कर्मचारियों के प्रयासों के लिए अत्यधिक आभारी हैं, जिन्होंने व्यापार जलवायु एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की।  

विश्व बैंक को कारोबारी सुगमता रिपोर्ट 2018 और 2020 में डेटा अनियमितताओं की जानकारी जून 2020 में आंतरिक रूप से मिली थी। इसके बाद विश्व बैंक प्रबंधन ने अगली कारोबारी सुगमता रिपोर्ट का प्रकाशन रोक दिया और इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा शुरू की।

साल 2020 की कारोबारी सुगमता रिपोर्ट में भारत ने 14 स्थान की छलांग लगाकर 63वां स्थान हासिल किया था। भारत ने पांच वर्षों (2014-19) में अपने वरीयता क्रम में 79 स्थानों का सुधार किया है।
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