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Wayanad: राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र के इस कस्बे को लेकर राजनीति शुरू, BJP का दावा- जगह का बदला गया था नाम

Thu, 11 Apr 2024 01:24 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड

सार

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने यह मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि सुल्तान बत्तेरी का असली नाम गणपतिवत्तोम है। इसलिए इसका नाम बदलना जरूरी है।
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राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र के इस कस्बे को लेकर राजनीति शुरू - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव को लेकर देशभर में सियासी हलचल जारी है। सबसे ज्यादा अगर कोई सीट सुर्खियों में है तो वो है वायनाड। वायनाड लोकसभा सीट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नामांकन दाखिल करने के बाद से राजनीति जारी है। इसी बीच, भाजपा ने सुल्तान बत्तेरी शहर के नाम को लेकर बहस छेड़ दी है। उसका कहना है कि वायनाड लोकसभा क्षेत्र में टीपू सुल्तान से जुड़े सुल्तान बत्तेरी का नाम बदला जाना चाहिए क्योंकि दो सदी पहले मैसूर शासक के केरल के मालाबार क्षेत्र पर आक्रमण से पहले इसे गणपतिवत्तोम से जाना जाता था। 

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चुनावी प्रचार के दौरान उठाया मुद्दा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने यह मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि सुल्तान बत्तेरी का असली नाम गणपतिवत्तोम है। इसलिए इसका नाम बदलना जरूरी है। चुनावी प्रचार के दौरान टीपू सुल्तान के मालाबार में घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और एलडीएफ इसे सुल्तान बत्तेरी कहना पसंद करते हैं।

भाजपा नेता ने किए यह सवाल
उन्होंने पूछा, 'केरल में जगह का नाम किसी हमलावर के नाम पर क्यों रखा जाना चाहिए?' उन्होंने कहा कि सच यह है कि इस जगह का नाम गणपतिवत्तोम है। सुल्तान के हमले को कितने साल बीत चुके हैं? सुल्तान कौन है? वायनाड और यहां के लोगों के संदर्भ में टीपू सुल्तान की क्या भूमिका है? यह जगह कभी गणपतिवत्तोम नाम से जानी जाती थी। लोग इस बारे में जानते हैं। कांग्रेस और एलडीएफ गठबंधन टीपू सुल्तान से जुड़े हुए हैं, जिसने केरल खासतौर पर वायनाड और मालाबर के लाखों लोगों का धर्म बदलवा दिया था।
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उन्होंने यह भी दावा किया कि सन् 1984 में सबसे पहले भाजपा के नेता प्रमोद महाजन ने इस मुद्दे को उठाया था। केरल पर्यटन के अनुसार सुल्तान बत्तेरी को पहले गणपतिवत्तोम नाम से जाना जाता था।  उन्होंने कहा कि यह जगह मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के नाम पर है, जिन्होंने मालाबार क्षेत्र पर आक्रमण के दौरान यहां एक पुराने जैन मंदिर में गोला-बारूद फेंक दिया था और तोपों की बौछार कर दी थी। इसलिए इस जगह को सुल्तान बत्तेरी के नाम से जाना जाता था जो सुल्तान की बैटरी का एक दूषित रूप है। टीपू सुल्तान ने यहां एक किला भी बनाया था, जो अब खंडहर में है और अब किले के टीले पर एक पुलिस स्टेशन खड़ा है।

कांग्रेस ने साधा निशाना
कांग्रेस ने सुल्तान बत्तेरी नाम बदलने के मुद्दे को उठाने पर भाजपा नेता पर निशाना साधा। कांग्रेस विधायक टी सिद्दकी का कहना है कि सुरेंद्रन कुछ भी कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह जीतने वाले नहीं हैं। यह सिर्फ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश है। ऐसा होने नहीं जा रहा है और यहां उनके बयान को कोई तवज्जो नहीं दे रहा है।

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