सुंदर ने कहा कि आयोग का ध्यान महिलाओं की सुरक्षा पर है, चाहे वे किसी भी समुदाय की हों और उन्होंने लोगों से इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने से बचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वह कॉलेज प्रशासन, छात्रों और पीड़ितों के साथ मिलकर मामले को पूरी तरह से समझने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की सदस्य खुशबू सुंदर ने उडुपी के वॉशरूम वीडियो विवाद में जांच से पहले सांप्रदायिक पहलू को खारिज कर दिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की सदस्य खुशबू सुंदर ने बृहस्पतिवार को उडुपी के एक पैरामेडिकल कॉलेज के शौचालय मामले में जांच की मांग की। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने में जल्दबाजी न करें।
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सुंदर ने कहा कि आयोग का ध्यान महिलाओं की सुरक्षा पर है, चाहे वे किसी भी समुदाय की हों और उन्होंने लोगों से इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने से बचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वह कॉलेज प्रशासन, छात्रों और पीड़ितों के साथ मिलकर मामले को पूरी तरह से समझने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उडुपी जिले की उपायुक्त विद्याकुमारी और मच्छिन्द्र के साथ वार्ता के बाद एनसीडब्ल्यू सदस्य ने बुधवार को कहा था कि पुलिस की जांच के तहत व्यापक प्रयासों के बाद भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि एनसीडब्ल्यू और पुलिस को अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है, उन्होंने कहा कि जब तक ठोस सबूत नहीं मिल जाते, तब तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया जा सकता।
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सुंदर ने बताया था कि पुलिस ने उन तीन लड़कियों के मोबाइल फोन डेटा पुनर्प्राप्ति के लिए भेजे हैं जिन्होंने कथित तौर पर वीडियो शूट किया था। उन्होंने कहा कि आरोप पत्र दाखिल करने से पहले डेटा को विस्तृत रिपोर्ट के लिए एफएसएल प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।