कोच्चि में कडावुभागम सिनेगॉग के पास 12 अक्तूबर को हुई आगजनी की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार व्यक्ति को यह काम करने के लिए पैसे दिए गए थे। वह एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में था जिसने कथित तौर पर उसे ऐसी हरकतें करने के लिए कहा था। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी।
अधिकारियों ने क्या बताया?
केरल पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि वे इस मामले के संभावित बड़े कनेक्शन की भी जांच कर रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए डीसीपी अरुण के. पवित्रन ने बताया कि आरोपी के घर की तलाशी ली गई। उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करके फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उसे अपनी कस्टडी में लेगी।
पवित्रा ने कहा, 'अभी वह एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में है जो उससे ऐसी हरकतें करवा रहा है। उसे हाल की घटना को अंजाम देने के लिए पैसे दिए गए थे, और हम इस पहलू की जांच कर रहे हैं। उसके डिवाइस की फोरेंसिक जांच पूरी होने और डेटा मिलने के बाद हम और जानकारी दे पाएंगे।'
आरोपी की पहचान कैसे हुई?
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच की और घटना में शामिल गाड़ी का पता कोथमंगलम इलाके के एक व्यक्ति से लगाया। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय टीम के साथ मिलकर कोच्चि की घटना के फुटेज की तुलना मुवाट्टुपुझा की ऐसी ही घटना के फुटेज से की। हमने उसे उसके घर से हिरासत में लिया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।'
जब पवित्रा से पूछा गया कि क्या आरोपी किसी बड़े संगठन या अंतरराष्ट्रीय समूह का हिस्सा था, तो उन्होंने कहा कि अब तक ऐसा कोई संबंध सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, 'अभी तक हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है जिससे यह पता चल सके कि वह किसी बड़े संगठन का हिस्सा है या नहीं। इन सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की ज़रूरत है और हमें कुछ समय लगेगा।'
सांप्रदायिक मकसद पर क्या बोले?
इस सवाल के जवाब में कि क्या इन घटनाओं का मकसद राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना था, अधिकारी ने कहा कि जांच में अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है। पवित्रा ने कहा, 'अब तक हुई जांच और उपलब्ध जानकारी के आधार पर हमें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है। हालांकि, सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जाएगी। हम आगे की पूछताछ के लिए आरोपी की पुलिस कस्टडी और उसके डिवाइस की फोरेंसिक जांच का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद ही हम कोई पक्का बयान दे पाएंगे।'
अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने सुरक्षा अलर्ट मिलने के बाद मट्टनचेरी समेत यहूदी प्रतिष्ठानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई थी। उन्होंने कहा, 'यह गंभीर चिंता का विषय है। पिछले महीने सुरक्षा अलर्ट मिलने के बाद हमने मट्टनचेरी और अन्य इलाकों समेत इन जगहों पर पुलिस की तैनाती और मौजूदगी बढ़ा दी थी। ये इंतजाम जारी हैं और सभी संबंधित जगहों पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।'
जांच में क्या मिला?
जांच के दौरान, पुलिस को उसके फोन पर यहूदी पूजा स्थलों, भारत के अलग-अलग शहरों में हमलों और "बॉस" नाम के व्यक्ति से संभावित क्रिप्टोकरेंसी पेमेंट के बारे में बातचीत मिली है। पुलिस अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक, बाद में पुथेनक्रूज में आरोपी के किराए के घर की तलाशी लेने पर कथित तौर पर गैर-कानूनी ड्रग्स और नशीले पदार्थ बरामद हुए।