दूरसंचार क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि जियो छह दिसंबर को जब अपने नए टैरिफ का एलान करेगी, तो प्रतिद्वंदी कंपनियों के मुकाबले ग्राहकों को ज्यादा राहत दे सकती है। कंपनी ने पहले भी कहा था कि हम अन्य कंपनियों से 20 फीसदी सस्ते टैरिफ देंगे, जबकि सेवाओं में 300 फीसदी बढ़ोतरी जारी रहेगी।
इसके अलावा जियो के पास न सिर्फ सबसे ज्यादा ग्राहक हैं, बल्कि 90 फीसदी ग्राहक प्रीपेड हैं जिससे कम शुल्क बढ़ाकर भी कंपनी बड़ा मुनाफा कमा सकती है। वहीं, वोडा आइडिया और एयरटेल के कुल ग्राहकों में से करीब 30 फीसदी पोस्टपेड हैं और कंपनी ने इस सेग्मेंट में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
टैरिफ बढ़ाने की घोषणा के बाद सोमवार को दूरसंचार कंपनियों के शेयर एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। वोडा आइडिया, एयरटेल और जियो ने संयुक्त रूप से 33 हजार करोड़ की पूंजी जोड़ी। बीएसई पर वोडा आइडिया के शेयर 7.79 फीसदी चढ़े और कंपनी का पूंजीकरण 2,700 करोड़ रुपये बढ़ गया। इसी तरह, एयरटेल के शेयरों में 3.67 फीसदी उछाल आया और कंपनी को 8,300 करोड़ का पूंजीकरण मिला। रिलायंस जियो में 2.28 फीसदी उछाल दिखा जिससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 22,000 करोड़ रुपये बढ़ गया।
वैश्विक निवेश सलाहकार कंपनी मूडीज ने कहा है कि दूरसंचार कंपनियों के टैरिफ बढ़ाने से बकाए और कर्ज तले दबे क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। मूडीज ने कहा, एयरटेल को नए टैरिफ प्लान से प्रति उपभोक्ता औसत कमाई (एआरपीयू) बढ़ाने में मदद मिलेगी और यह प्रति उपभोक्ता 128 रुपये से 10 फीसदी बढ़ सकता है, जिससे कंपनी को सालाना 50 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त मुनाफा होगा। इसी तरह अन्य कंपनियों की कमाई में भी इजाफा होगा लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत इन कंपनियों को जल्द बकाया स्पेक्ट्रम भुगतान करना पड़ा तो कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा।