साल 2012 में मीडिया में इस तरह की रिपोर्ट्स आई थीं कि सेना तख्तपलट की कोशिश कर रही है। यूपीए-2 सरकार के वक्त आई इस तरह की खबरों पर तत्कालीन सेनाध्यक्ष और वर्तमान विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने उस समय की सरकार को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी से कहा है कि वह इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाएं।
वीके सिंह ने कहा, 'तत्कालीन रक्षामंत्री ने उस समय बयान जारी करते हुए कहा था कि ऐसी चीज कभी नहीं हुई। उस समय मैंने गृह मंत्रालय से शिकायत की थी कि इसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि यह देशद्रोह जैसा है। उस समय इसकी जांच नहीं हुई। मैंने पीएम से अनुरोध किया है कि उसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। मेरे पास छुपाने को कुछ नहीं है।'
पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं। जबकि 2012 में लोग सशस्त्र बलों के मनोबल को नीचे लाने की कोशिश कर रहे थे और वह देश के खिलाफ काम कर रहे थे। जिसमें उन्होंने बेतुकी कहानियां लिखी थीं। ऐसे लोगों को बेनकाब करने के लिए जांच की जरूरत है।'
भाजपा ने बुधवर को सात साल पहले एक अंग्रेजी अखबार में छपी तख्तापलट के प्रयास को लेकर खबर का हवाला देते हुए तत्कालीन यूपीए-2 सरकार पर मीडिया में गलत कहानी लीक करने को लेकर हमला किया था।
बता दें कि वर्तमान पार्टी ने तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी पर गलत खबरें छपवाकर भारतीय सेना को बदनाम करने का आरोप लगा रही है। बुधवार को पार्टी ने प्रेसवार्ता में आरोपों की झड़ी लगाते हुए मनमोहन सरकार के चार मंत्रियों को कठघरे में खड़ा कर दिया था। पार्टी ने इस पूरे मामले की संसदीय कमेटी से जांच की बात कहते हुए राहुल गांधी से जवाब मांगा है।