ईडी अधिकारियों पर हमले का फरार आरोपी टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में शुक्रवार को स्थानीय महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दैरान स्थानीय महिलाओं ने हाथों में लाठी और झाड़ू लेकर संदेशखाली के विभिन्न इलाकों में जुलूस निकाला। वहीं, दोपहर के दौरान यह विरोध हिंसक हो गया। दोपहर में एमसी नेता शेख शाहजहां के सहयोगी शिबोप्रसाद हाजरा के घर में तोड़फोड़ की गई और फर्नीचर को आग लगा दी गई। इतना ही नहीं, जेलियाखली में हाजरा के एक पोल्ट्री फार्म को भी आग लगा दी गई। पुलिस ने इस हिंसक प्रदर्शन की खबर दी है।
डीआइजी (बारासात रेंज) सुमित कुमार ने बताया कि हिंसक प्रदर्शन के मामले में आठ उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) मनोज वर्मा ने लोगों से कानून को अपने हाथ में नहीं लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, शिकायतों की जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
वहीं, प्रदर्शनकारी महिलाओं ने संदेशखाली थाने के बाहर भी कुछ घंटों तक धरना दिया। उन्होंने शाम करीब सात बजे यह कहते हुए प्रदर्शन वापस ले लिया। उन्होंने शनिवार को फिर से प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। इस बीच, पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर संदेशखली में अराजकता के मामले में संज्ञान लेने का अनुरोध किया।
ईडी टीम पर हमले की साजिश रचने का आरोप
शाहजहां शेख पश्चिम बंगाल के राशन घोटाले में आरोपी हैं। बीती 5 जनवरी को ईडी की टीम शाहजहां शेख के उत्तरी 24 परगना जिले में स्थित घर पर छापेमारी करने गई थी, लेकिन शाहजहां शेख वहां नहीं मिले। इस दौरान ईडी टीम पर शाहजहां शेख के समर्थकों ने हमला कर दिया। इस हमले में कई ईडी अधिकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। इस घटना के बाद से ही शाहजहां शेख फरार है और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। ईडी शाहजहां शेख के ठिकानों पर उसके बाद भी छापेमारी कर चुकी है, लेकिन अभी तक शाहजहां शेख का कुछ पता नहीं है। शाहजहां शेख पर ईडी टीम पर हमले की साजिश रचने का भी आरोप है।