विकास को पकड़ने के लिए जिस समय उत्तर प्रदेश की पुलिस राज्य का चप्पा-चप्पा छान रही थी। उस वक्त वह उज्जैन की गलियों में घूम रहा था। गिरफ्तारी से पहले उसने ऑटो में बैठकर शहर का चक्कर काटा। बंटी नाम के एक ऑटोवाले के साथ करीब दो घंटे तक वो शहर में घूमा। इसके बाद उसने शिप्रा नदी पर बने रामघाट पर स्नान किया और महाकाल मंदिर पहुंचा।
दुकानदार ने की पहचान
मंदिर में प्रवेश से पहले उसने एक दुकान से फूल और प्रसाद खरीदा। दुकान वाला यूट्यूब पर वीडियो और खबरें देखने का शौकीन था तो उसे खरीदार का चेहरा देखा हुआ सा प्रतीत हुआ। इस बीच विकास दुबे वीआईपी दर्शन के लिए 250 रुपये की रसीद कटवा कर मंदिर के अंदर पहुंच गया था। फूलवाले ने महाकाल मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को उसके बारे में सूचना दी। जब सुरक्षाकर्मियों ने उससे पूछताछ की तो विकास ने अपना नाम शुभम बताया। जबकि उसने खुद की पहचान के लिए जो पहचान पत्र दिया उस पर कुछ और ही नाम लिखा था। संदेह बढ़ने पर उसे महाकाल थाना ले जाया गया।
मध्यप्रदेश पुलिस ने गुरुवार शाम को विकास दुबे को उत्तर प्रदेश की एसटीएफ के हवाले कर दिया। पुलिस के मुताबिक देर शाम यूपी पुलिस की स्पेशल टीम पांच लाख के इनामी विकास को लेकर उज्जैन से कानपुर के लिए रवाना हो गई। रातभर के सफर के बाद पुलिस का एक वाहन सचेंडी थाना क्षेत्र के भौंती हाईवे पर पलट गया। इस गाड़ी में सवार विकास दुबे इंस्पेक्टर की बंदूक छीनकर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो फायरिंग कर दी और जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया।