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महिला आरक्षण: कांग्रेस ने विधेयक को बताया भाजपा का जुमला, अमित शाह ने किया पलटवार; पढ़ें किसने क्या-कहा

Tue, 19 Sep 2023 06:10 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

विपक्ष के नेता विजय वाडेट्टीवार ने यह भी दावा किया है कि महिला आरक्षण बिल का प्रस्ताव विधानसभा में सबसे पहले कांग्रेस लेकर आई थी। नए संसद भवन के पहले ही दिन पीएम मोदी ने देश की महिलाओं को गुमराह किया है।
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महिला आरक्षण
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विस्तार
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महाराष्ट्र विधान सभा में विपक्ष के नेता विजय वाडेट्टीवार ने महिला आरक्षण बिल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे जुमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा का एक जुमला (झूठा वादा) है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव के समय लागू नहीं होगा।
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वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरे भारत में लोग संसद में नारीशक्ति वंदन विधेयक पेश किए जाने से खुश हैं। ‘नारीशक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दुख की बात है कि विपक्ष ‘नारीशक्ति वंदन अधिनियम’ को पचा नहीं पा रहा है। कांग्रेस ने या तो विधेयक को व्यपगत (लैप्स) होने दिया या उसके मित्र दलों ने विधेयक पेश करने से रोका। उनका दोहरा चरित्र कभी छुपेगा नहीं।

महिला आरक्षण बिल को बताया जुमला
वाडेट्टीवार ने महिला आरक्षण बिल को सोशल मीडिया पर भाजपा की तरफ से किया गया एक झूठा वादा बताया है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन में एक और जुमला किया है। महिला आरक्षण बिल दशकीय जनगणना पूरी होने के बाद ही लागू होगा। यह जनगणना 2021 में होना था, जो कि अभी तक नहीं हो पाया है।' उन्होंने यह भी दावा किया है कि महिला आरक्षण बिल का प्रस्ताव विधानसभा में सबसे पहले कांग्रेस लेकर आई थी। नए संसद भवन के पहले ही दिन पीएम मोदी ने देश की महिलाओं को गुमराह किया है। 
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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने किया बिल का स्वागत
वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीज ने महिला आरक्षण बिल का स्वागत किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मुझे यकीन है कि बिल दोनों सदनों से पारित हो जाएगा और हमें विधानसभा और लोकसभा में कई और महिला प्रतिनिधियों को शामिल करने का मौका मिलेगा।'

महिला आरक्षण बिल को 'नारी शक्ति वंदन विधेयक' का नाम दिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 239ए में संशोधन करके महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। अनुच्छेद 330ए के तहत सदन में एससी/एसटी महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। कानून मंत्री ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इस विधेयक के पारित होने के बाद लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या बढ़कर 181 हो जाएगी। नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर महिलाओं में खुशी का माहौल। कई हस्तियों ने भी इस विधेयक की तारीफ की।

महिला आरक्षण बिल पर किसने क्या कहा?
  • महिला आरक्षण बिल पर भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि यह बहुत ऐतिहासिक क्षण है। नई संसद में आज हमारा पहला दिन था। हम बहुत खुश हैं। नारी शक्ति का अभिनंदन... इस बिल पर सर्वसम्मति होती तो अच्छा होता। 
  • प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि यह तुरंत लागू होगा लेकिन बिल में यह लिखा है कि यह परिसीमन के बाद ही लागू होगा। इसका यह मतलब हुआ कि यह आरक्षण 2029 तक लागू नहीं हो सकता। आपने दरवाजे तो खोल दिए हैं, लेकिन दरवाजों पर महिलाओं के लिए अभी भी 'नो एंट्री' है।
  • महिला आरक्षण बिल पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इससे पहले भी जब ऐसा बिल पेश हुआ था तब हमारी पार्टी ने इसका विरोध किया था। इस बिल में सबसे बड़ी कमी ये है कि इसमें OBC और मुसलमान महिलाओं के लिए कोटा नहीं रखा गया इसलिए हम इसके खिलाफ हैं।
  • CPM नेता वृंदा करात ने कहा कि यह बिल सुनिश्चित करता है कि अगले परिसीमन अभ्यास तक महिलाएं चुनाव से वंचित रहें। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो 2024 के चुनावों और 18वीं लोकसभा के गठन तक संसद में 1/3 महिलाएं नहीं होंगी, कई विधानसभा चुनावों में 1/3 महिलाएं नहीं होंगी... क्या महिलाओं को मोदी सरकार द्वारा लाए गए इस बिल के लिए आभारी होना चाहिए? मैं कहूंगी कि बिल्कुल भी नहीं।
  • महिला आरक्षण बिल पर भाजपा सांसद रमा देवी ने कहा कि आज महिला आरक्षण बिल पेश हुआ और PM मोदी ने इसपर चर्चा की। बहुत समय से महिला आरक्षण बिल की प्रतीक्षा थी, आज यह प्रतीक्षा समाप्त हुई। 
  • सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार को 9 साल पूरे हो गए हैं। अगर इन्हें महिला आरक्षण बिल लाना था तो ये पहले ला सकते थे। ये इसे आखिरी साल में ला रहे हैं, जब चुनाव हैं। सपा ने हमेशा इसका समर्थन किया है और हम सभी चाहते हैं कि OBC महिलाओं का भी इसमें आरक्षण निर्धारित हो क्योंकि जो आखिरी पंक्ति में खड़ी महिलाएं हैं उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।
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