खेलमंत्री विजय गोयल ने कहा पैरा-एथलीट कंचनमाला पांडे के बर्लिन में भीख मांगने के मामले में जांच की जाएगी। कंचनमाला को पर्ल-स्वीमिंग चैंपियनशिप में भाग के लिए बर्लिन में भीख मांगनी पड़ी थी। खबर है कि पांडे के लिए तय की गई राशि के समय पर ना पहुंचने से उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा।
इस मामले में खेलमंत्री ने कहा कि खेल मंत्रालय ने पैरालम्पिक कमेटी को धन मंजूर कर किया गया लेकिन यह पांडे तक नहीं पहुंचा। उन्होंने आगे कहा कि इसमे खेल मंत्रालय का कोई दोष नहीं है। वहीं, इस लापरवाही के मामले में पैरालम्पिक कमेटी को सवालों के घेरे में लिया गया है। खेलमंत्री ने आगे कहा कि कमेटी बहाने कर रही है और यह सरासर लापरवाही का मामला है जिस पर जांच की जाएंगी।
वहीं, पैरा एथलीट तैराक कंचनमाला पांडे ने कहा कि उनकी बर्लिन यात्रा को सरकार से मंजूरी मिल गई थी। लेकिन पैरालम्पिक समिति (पीसीआई) ने बताया कि उनके खाते बंद कर दिए जाने की वजह से वे पैसे का इंतजाम नहीं कर सकते जिसके चलते खुद का पैसा ही खर्च पड़ेगा। इसके बाद कमेटी ने हमसे ही हमारी यात्रा का खर्च उठाने को कहा और खर्च की गई राशि को बाद में लौटाने का वादा भी किया।
पांडे ने आगे कहा कि उनके कोच ने भी इस मामले में बड़ी लापरवाही बरती जिसके चलते मेरी एंट्री किसी गलत समूह में हो गई। फिर मैंने ही इसे ठीक करवाया। पांडे ने कहा कि यह कोच की जिम्मेदारी थी कि बर्लिन में उनके लिए यात्रा करने का प्रबंध करें और यही वजह थी जिससे उन्हें भुगतान करने के लिए पैसे उधार लेने पड़े।