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भाजपा का मिशन इलेक्शन : पांच राज्यों में चुनाव जीतने के लिए बनाया प्लान, पांच बिंदुओं में समझें पार्टी की तैयारियां

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Mon, 08 Nov 2021 03:40 PM IST

सार

पांचों राज्यों के चुनाव में दो बातों पर फोकस होगा। पहला जनता के बीच केंद्र सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा और मोदी का चेहरा रखा जाएगा, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकारों (जहां, भाजपा की सरकारें हैं) के अच्छे कामों की गिनती कराई जाएगी। 
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उपचुनाव के अच्छे परिणामों को देखने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नजर अब 2022 में होने वाले पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा, पंजाब) के विधानसभा चुनावों पर है। पार्टी के शीर्ष नेता लगातार इसको लेकर मंथन कर रहे हैं। रविवार को दिल्ली में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी इस पर मंथन हुआ। उन मसलों पर भी चर्चा हुई जो आने वाले चुनावों में भाजपा के खिलाफ जा सकते हैं, जैसे कि महंगाई, बेरोजगारी और कोरोना। 

पार्टी के एक बड़े नेता ने 'अमर उजाला' से कहा, 'लगभग सभी राज्यों के नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व के सामने बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। सबका यही कहना है कि कोरोना के चलते लोगों की बदली जिंदगी को भी जल्द से जल्द पटरी पर लाना होगा। इसके लिए केंद्र स्तर पर बड़े और आम लोगों को राहत देने वाले फैसले लेने होंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'उपचुनाव के नतीजों से ये साफ है कि जनता का विश्वास भाजपा पर पहले की तरह कायम है। बस हमें उन्हें उनकी उन समस्याओं से राहत दिलाना है, जो कोरोना के समय उठी हैं।'


पार्टी के एक अन्य राष्ट्रीय नेता के अनुसार, पांचों राज्यों के चुनाव में दो बातों पर फोकस होगा। पहला जनता के बीच केंद्र सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा और मोदी का चेहरा रखा जाएगा, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकारों (जहां, भाजपा की सरकारें हैं) के अच्छे कामों की गिनती कराई जाएगी। अलग-अलग माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों की उपलब्धियों को आम जनता के बीच पहुंचाया जाएगा। इसके लिए कई बिंदुओं में प्लानिंग की गई है। इनमें पांच बिंदु सबसे अहम है...
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उपचुनाव के अच्छे परिणामों को देखने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नजर अब 2022 में होने वाले पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा, पंजाब) के विधानसभा चुनावों पर है। पार्टी के शीर्ष नेता लगातार इसको लेकर मंथन कर रहे हैं। रविवार को दिल्ली में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी इस पर मंथन हुआ। उन मसलों पर भी चर्चा हुई जो आने वाले चुनावों में भाजपा के खिलाफ जा सकते हैं, जैसे कि महंगाई, बेरोजगारी और कोरोना। 

पार्टी के एक बड़े नेता ने 'अमर उजाला' से कहा, 'लगभग सभी राज्यों के नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व के सामने बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। सबका यही कहना है कि कोरोना के चलते लोगों की बदली जिंदगी को भी जल्द से जल्द पटरी पर लाना होगा। इसके लिए केंद्र स्तर पर बड़े और आम लोगों को राहत देने वाले फैसले लेने होंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'उपचुनाव के नतीजों से ये साफ है कि जनता का विश्वास भाजपा पर पहले की तरह कायम है। बस हमें उन्हें उनकी उन समस्याओं से राहत दिलाना है, जो कोरोना के समय उठी हैं।'

पार्टी के एक अन्य राष्ट्रीय नेता के अनुसार, पांचों राज्यों के चुनाव में दो बातों पर फोकस होगा। पहला जनता के बीच केंद्र सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा और मोदी का चेहरा रखा जाएगा, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकारों (जहां, भाजपा की सरकारें हैं) के अच्छे कामों की गिनती कराई जाएगी। अलग-अलग माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों की उपलब्धियों को आम जनता के बीच पहुंचाया जाएगा। इसके लिए कई बिंदुओं में प्लानिंग की गई है। इनमें पांच बिंदु सबसे अहम है...

भाजपा की प्लानिंग के पांच पॉइंट्स

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह। - फोटो : अमर उजाला
1. अपने क्षेत्र में ज्यादा समय देंगे मंत्री, सांसद और विधायक 
चुनाव वाले राज्यों में अगले छह महीने तक सबसे ज्यादा फोकस होगा। सभी सांसद और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में ज्यादा समय देने के लिए कहा गया है। केंद्रीय मंत्रियों का दौरा बढ़ेगा। चुनावी राज्यों में केंद्रीय मंत्रियों का ज्यादा कार्यक्रम लगेगा। जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहां के राज्य मंत्रियों को भी अपने क्षेत्र के साथ-साथ आस-पास के विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस करने के लिए कहा गया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सभी सांसदों, मंत्रियों और विधायकों से कहा है कि वह जहां भी जाएं पार्टी और सरकार के कामकाज का रिपोर्ट जनता के बीच रखें। बताएं कि सरकार ने आम जनता के लिए कौन-कौन सी योजनाएं शुरू की और उसका कितने लोगों को लाभ मिला। 

2. युवाओं और महिलाओं पर फोकस
भाजपा ने हर बार की तरह युवाओं और महिलाओं पर ज्यादा फोकस करने का प्लान बनाया है। हमेशा से ही युवा वोटर्स भाजपा की ताकत रहे हैं। आने वाले चुनावों में भी पार्टी युवाओं और महिलाओं को ही आगे रखेगी। उत्तर प्रदेश में खासतौर से महिला सम्मान और महिलाओं की भागीदारी को लेकर भाजपा का फोकस होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रियंका गांधी ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि कांग्रेस इस बार 40% महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी। इसके अलावा बेटियों को स्कूटी देने का भी कांग्रेस ने वादा किया है। कांग्रेस के इस वादे की काट के लिए महिलाओं को आगे कर  सकती है। इसमें योगी सरकार के दौरान महिला हिंसा में आई गिरावट व अन्य आंकड़ों का भी खूब प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा गया है। इसी तरह युवाओं के रोजगार और स्वरोजगार के आंकड़ों का प्रचार-प्रसार होगा। 

3. विपक्ष के बयानों को मुद्दा बनाना 
विपक्ष को घेरने के लिए भी पार्टी ने बड़ी तैयारी की है। इसके मुताबिक, विपक्ष के नेताओं के विवादित बयान को पार्टी चुनावी मुद्दा बनाएगी। चुनाव के दौरान नेताओं के बयानों का बड़ा असर पड़ता है। एक विवादित बयान पूरे चुनाव को पलट सकता है। यही कारण है कि पार्टी ने संगठन में ऐसे युवाओं और बुद्धिजीवी वर्ग की टीम बनाने को कहा है जो विपक्ष के हर नेता का बयान बारीकी से समझेगा और अगर उसका कोई मुद्दा बनने लायक होगा तो उसे चुनाव प्रचार प्रसार के दौरान उठाया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी अभियान के तहत इसका प्रचार-प्रचार होगा। 

4. बूथ मजबूत करना
बूथ लेवल पर पार्टी को मजबूत करने और अपने वोटर्स को बूथ तक पहुंचाने के लिए इस बार भाजपा ने बड़ा दांव चला है। यूपी समेत पांचों राज्यों में पार्टी ने तीन करोड़ से ज्यादा पन्ना प्रमुख बनाने का काम शुरू किया है। अब आप सोच रहे होंगे कि ये पन्ना प्रमुख होता क्या है? पन्ना का मतलब पेज यानी कागज। ये पन्ना वोटर्स लिस्ट का होगा और हर एक पन्ने में तीस वोटर्स के नाम होंगे। इन तीस वोटर्स की जिम्मेदारी भाजपा के एक कार्यकर्ता की होगी, जिसे पन्ना प्रमुख कहा जाता है। ये पन्ना प्रमुख अपनी सूची में शामिल सभी तीस वोटर्स तक पहुंचेगा और पार्टी के कामकाज की जानकारी देगा। इसके अलावा वोटिंग के लिए उन्हें प्रोत्साहित करेगा। वोटिंग के दिन वो तीस वोटर्स बूथ तक पहुंचे इसे भी पन्ना प्रमुख ही सुनिश्चित करेगा। 

5. संघ, संगठन और सरकार मिलकर करेंगी काम 
भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के सुझाव और बिंदु काफी अहम होते हैं। संगठन और सरकार में बैठे जिम्मेदार लोग ही ये सुनिश्चित करते हैं कि संघ के सुझावों को कैसे अमल में लाया जा सके। ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा के लिए जमीनी स्तर पर संघ ही मजबूत आधार और खाका बनाने का काम करती है। संघ से जुड़े बड़े बड़े व्यापारी, चिकित्सक, सीए व अन्य पेशेवर हस्तियां आम लोगों के बीच भाजपा के लिए माहौल तैयार करने का काम करते हैं। इनकी संख्या काफी ज्यादा होती है और इनका प्रभाव भी आम जनता पर काफी होता है।
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