आज से ठीक एक वर्ष पहले कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की वारदात हुई थी। भले ही इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां हुईं और एक को सजा भी हो चुकी है है लेकिन पीड़िता के माता-पिता और डॉक्टरों का आरोप है कि कई सवाल हैं। और इनका जवाब उन्हें नहीं मिले हैं।
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बेटी की बरसी के ठीक एक दिन पहले दिल्ली में सीबीआई डायरेक्ट से मिलकर आए, पीड़िता के माता-पिता ने केंद्रीय जांच एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीबीआई जांच पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा, सीबीआई की रीढ़ नहीं है। साथ ही, पीड़िता की मां ने दिल्ली की मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया 'नारी शक्ति पुरस्कार' भी लौटा दिया। दिल्ली से देर रात लौटे पीड़िता के माता-पिता ने बताया कि दिल्ली में सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद से उनकी मुलाकात हुई, लेकिन यह मुलाकात बेहद निराशाजनक रही। पीड़िता के पिता ने कहा, देश के 140 करोड़ लोग जिन पर भरोसा करते हैं, वे इतने ‘बोगस’ हो सकते हैं, इसका अनुभव हमें हुआ।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सीबीआई निदेशक ने कहा कि वे यह मामला छोड़ना चाहते हैं। इस पर पीड़िता के पिता ने जवाब दिया, आप कोर्ट में जाकर कहिए कि आप यह केस छोड़ना चाहते हैं। हमने तो आपको नहीं चुना था। अदालत ने आपकी निगरानी में स्वतंत्र जांच सौंपी थी।
सीबीआई से पूछे माता-पिता ने ये सवाल
पीड़िता के माता-पिता ने दावा किया कि उन्होंने सीबीआई से पूछा था कि दुष्कर्म और हत्या में कौन-कौन शामिल थे। घटना कहां घटी और दुष्कर्म और हत्या का मकसद क्या था। लेकिन, उनके मुताबिक सीबीआई के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं था। उन्होंने निदेशक को एक प्लेकार्ड भी सौंपा था, जिस पर एक और सवाल लिखे थे, और दूसरी ओर लिखा था, रीढ़ सीधी कीजिए या इस्तीफा दीजिए। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई निदेशक ने प्लेकार्ड लौटाते हुए कहा, हमारी रीढ़ है। इस पर पीड़िता की मां ने पलटकर कहा, नहीं है।
अमित शाह से नहीं हो सकी मुलाकात
दिल्ली रवाना होने से पहले पीड़िता के माता-पिता को उम्मीद थी कि उनकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात हो सकेगी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पीड़िता के पिता ने कहा, हमें सोमवार तक रुकने को कहा गया था, लेकिन हम नवान्न अभियान के चलते लौट आए। अगर आगे समय मिलेगा तो फिर दिल्ली जाएंगे और अमित शाह से मिलने की कोशिश करेंगे।
नारी सम्मान पुरस्कार लौटाया
इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा दिया गया 'नारी शक्ति सम्मान' भी पीड़िता की मां ने लौटा दिया। उन्होंने कहा, जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, मैं यह पुरस्कार नहीं लूंगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में उनके वकील करुणा नंदी से भी दिल्ली में मुलाकात हुई है। अब उनका पूरा ध्यान न्यायालय के माध्यम से न्याय दिलाने पर है।
आज नबान्न और कालीघाट मार्च
आज आरजी कर आरजी कर कांड की बरसी पर एक बार फिर राज्य भर में रात भर धरना देने का आह्वान किया गया है। दिन में नबन्ना भवन (राज्य सचिवालय) और कालीघाट (मुख्यमंत्री आवासा) तक मार्च निकाला जाएगा। पश्चिम बंगाल में विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने फिर से सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। 9 और 14 अगस्त को कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न स्थानों पर लाखों लोग नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग और अन्य माध्यमों से न्याय की मांग के लिए सड़कों पर उतरेंगे। राज्य के वामपंथी दल और उनके संगठन भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी विरोध मार्च में शामिल होंगे लेकिन राजनीतिक बैनर के बिना। विभिन्न मंचों पर जन संगठनों के बैनरों के जरिये आरजी कर पीड़िता के लिए न्याय की मांग की जाएगी।