विश्व हिंदू परिषद दिल्ली प्रांत के अंबेडकर जिला द्वारा मकर सक्रांति के अवसर पर सामाजिक समरसता कार्यक्रम का अयोजन किया गया। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे ने कहा कि हिंदुओं को अपने जातीय भेदभाव को खत्म करना होगा। सारे हिन्दू एक ही मां-बाप की संतान है। विश्व हिंदू परिषद देश में सामाजिक समरसता के लिए पिछले 58 सालों से कार्य कर रही है। इसको लेकर विहिप द्वारा देश भर में 7000 से अधिक सेवा कार्यों का संचालन किया जा रहा हैं। यह सेवा कार्य 80 फीसदी से अधिक अनुसूचित जाति के लोगों को समर्पित हैं।
हम भगवान श्रीराम को अपना आदर्श मानते है उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक समरसता का पालन किया। वन वास के दौरान वह वनवासियों के साथ रहें। वानरों से मित्रता की। हमें भी श्रीराम के रास्ते पर चलना होगा और सब हिंदुओ को जोड़कर चलना होगा। हमें मानवता के धर्म का पालना करना है अगर हम जातियों में बटे होंगे तो हम अपने विकास से बहुत दूर हो जाएंगे। हमारा हिंदू धर्म सबको साथ लेकर चलने के लिए प्रेरणा देता हैं।
प्रशांत दास महाराज (श्री कबीर अध्यात्मिक निर्णय मंदिर, संचालक ) ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जाति तो जानवरों की होती है और हम लोगों ने अपने आप को जातियों में बांट रखा हैं। हम सब एक है हमें जातीय अलगाव से दूर रहना होगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमको अपनी शक्ति को बढ़ाना होगा और हमारी एकता ही हमारी शक्ति को बढ़ावा देंगी। इस कार्यक्रम में प्रांत सह मंत्री नंदकिशोर शर्मा एवं विभाग सह मंत्री बिजेंद्र तंवर सहित विभाग और जिले के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।