विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला से कहा कि यासीन मलिक जैसे लोगों को सजा होने से कश्मीरी पंडितों के घावों पर मरहम लगा है। इससे आम जनमानस में एक विश्वास का माहौल भी बना है जिससे घाटी का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने में मदद मिलेगी।
यासीन मलिक को टेरर फंडिंग के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर विश्व हिंदू परिषद ने खुशी जताई है। संगठन ने कहा है कि इससे घाटी में आतंक का माहौल बनाने की कोशिश करने वालों को सबक मिलेगा और घाटी में शांतिपूर्ण माहौल बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, विहिप ने कहा है कि यासीन मलिक के कुकर्मों को देखते हुए उसे फांसी की सजा होनी चाहिए और इसके लिए वे एनआईए से उच्च अदालत में अपील करने की मांग करते हैं।
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला से कहा कि यासीन मलिक जैसे लोगों को सजा होने से कश्मीरी पंडितों के घावों पर मरहम लगा है। इससे आम जनमानस में एक विश्वास का माहौल भी बना है जिससे घाटी का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा मिलने पर कुछ कश्मीर के कुछ नेताओं ने जिस तरह की प्रतिक्रिया दी है, उससे आम लोगों में निराशा पैदा हुई है। इससे साबित होता है कि कुछ लोग आज भी घाटी से आतंक का माहौल खत्म करने के प्रति ईमानदार नहीं हैं। इससे देश को एक मजबूत लोकतंत्र बनाने में मुश्किलें आती हैं। संगठन ने ऐसे दलों से राष्ट्रहित के मुद्दों पर ‘नकारात्मक राजनीति’ करने से दूर रहने की मांग की।