विश्व हिंदू परिषद ने बांग्लादेश में मंदिरों और हिंदू देवों की प्रतिमाओं पर हमले की घटनाओं की निंदा करते हुए आक्रमणकारियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई और हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की है। विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा है कि चिटगांव डिवीजन के कोमिल्ला क्षेत्र में एक दुर्गा पूजा मंडप के बाहर हनुमानजी की प्रतिमा पर रात के अंधेरे में षड्यंत्रपूर्वक कुरान की प्रति रखे जाने तथा सुनियोजित ढंग से जगह-जगह दुर्गा पूजा मंडपों की प्रतिमाओं को चकनाचूर किया जाने से हिंदू समाज बेहद आहत है।
परांडे ने आगे कहा कि मंदिरों, पूजा मंडपों पर हुए हमलों में अभी तक कम से कम दो हिंदुओं अल्पसंख्यकों की मृत्यु हो चुकी है तथा 500 से अधिक घायल हुए हैं। दुर्गा पूजा त्योहार के दौरान प्रतिमाओं के निरादर की घटनाएं बांग्लादेश में और भी कई स्थानों पर हुई हैं। स्थानीय उग्रवादी व आतंकी संगठनों के कथित आह्वान के कारण हिंदुओं पर वहां अभी और आक्रमणों के अंदेशे को देखते हुए वहां की स्थितियां और बिगड़ने की संभावना है। इस कारण बांग्लादेश का अल्पसंख्यक समाज और भी भयभीत है। बांग्लादेश सरकार अपने अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जिहादियों पर अंकुश लगाए तथा पीड़ित हिंदुओं के नुकसान की भरपाई और मृतकों व घायलों को उचित मुआवजे की व्यवस्था करे।
परांडे ने कहा कि भारत सरकार के साथ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भी वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं के जान-माल और उनकी धार्मिक मान्यताओं की सुरक्षा हेतु बांग्लादेश सरकार पर उचित कार्रवाई के लिए दबाव बनाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र और उसकी संबंधित एजेंसियों के इस विषय पर मौन पर भी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदूओं के मानवाधिकारों की रक्षा की जब बात आती है तो ये कार्यवाही से पीछे क्यों हट जाते हैं? बांग्लादेश सरकार जिहादियों की अविलंब गिरफ्तारी व कड़ी सजा के साथ भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति रोकने हेतु कठोर कदम सुनिश्चित करे। उन्होंने भरोषा दिलाया कि विश्व हिंदू परिषद समेत समस्त हिंदू समाज बांग्लादेश के पीड़ित हिंदुओं के साथ खड़ा है तथा हम उनकी हर-संभव मदद करेंगे।