भाजपा ने शुक्रवार को पंचायत चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई हिंसा के लिए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराया और इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक अत्यंत काला अध्याय बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य चुनाव आयोग और पुलिस हिंसा की घटनाओं के प्रति उदासीन बनी हुई है।
भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार को अपने सांविधानिक कर्तव्यों और राज्य निर्वाचन आयोग को अपने सांविधानिक दायित्वों का निर्वहन करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव नामांकन में गड़बड़ी और चुनावी हिंसा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार और पुलिस प्रशासन का बर्ताव देश की लोकतांत्रिक और चुनावी इतिहास का एक काला अध्याय है।
भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल में मौजूदा स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा, हमारे पास 25-30 घटनाओं की एक सूची है जिसमें घातक हमलों में हमारी पार्टी के कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनाव पर तृणमूल कांग्रेस सरकार का पूर्ण नियंत्रण है और यह इसी से पता चलता है कि नामांकन के अंतिम दिन सत्ताधारी पार्टी के 40,000 से ज्यादा लोगों का नामांकन दाखिल किया गया। उन्होंने कहा कि बंगाल पंचायत चुनाव प्रक्रिया में हिंसा का तांडव हो रहा है और भाजपा कार्यकर्ताओं पर नृशंस हमले हो रहे हैं। इन सबके बावजूद राज्य निर्वाचन आयोग इन घटनाओं के प्रति उदासीन बना हुआ है। उन्होंने कहा, पंचायत चुनाव में जिस प्रकार से नामांकन प्रक्रिया की गई है, क्या यह लोकतंत्र का उपहास नहीं है। त्रिवेदी ने कहा कि वह तृणमूल सरकार और ममता जी से कहना चाहते हैं कि यह हिंसा का जो खेल आप खेल रही हैं, कम्युनिस्ट सरकार भी यही करती थी... आज उनकी हालत देखिए।
विपक्ष की चुप्पी पर उठाया सवाल
त्रिवेदी ने इस मामले में विपक्षी दलों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि क्या उन्हें पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, पश्चिम बंगाल में मां, माटी, मानुष की बात की जाती थी लेकिन आज वहां भारत मां के विरुद्ध प्रबल शक्तियां खड़ी हैं, माटी खून से सनी हुई है और मनुष्यता पूरी तरीके से व्यथित एवं कलंकित दिख रही है।
जुल्म के बावजूद लोकतंत्र की लड़ाई लड़ने का दावा
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि पंचायत चुनाव प्रक्रिया में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हिंसक और प्राणघातक हमले हुए हैं और कई गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भाजपा के 50,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने नामांकन भरा है। उन्होंने कहा, भाजपा कार्यकर्ता पूरी दृढ़ता एवं साहस के साथ जुल्म और ज्यादती को सहते हुए लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रहे हैं।