कर्नाटक सरकार के फैसले को लेकर महाराष्ट्र भाजपा नेताओं में नाराजगी है। भाजपा नेताओं ने विरोध जताते हुए कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यकों की तुष्टिकरण के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव कर रही है। उन्होंने मामले में शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख से सफाई मांगी है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एक दिन पहले समाजशास्त्र की छठवीं से दसवीं कक्षाओं तक की पाठ्य पुस्तकों से केबी हेडगेवार और वीडी सावरकर के पाठों को हटाने का फैसला किया था, जिस पर अब बवाल मचा हुआ है।
ठाकरे से उनकी राय मांगी
राहुल गांधी के आदेश पर लिया फैसला
भाजपा राज्य अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि ठाकरे को कर्नाटक सरकार के फैसले पर अपना रुख साबित करना होगा। पाठ्यक्रमों में बदलाव और धर्मांतरण विरोधी कानून को रद्द करने के फैसले पर उन्हें अपना विचार व्यक्त करना चाहिए। कांग्रेस को वोट देना, पंजे का बटन दबाना कितना खतरनाक होता है, यह भारत और महाराष्ट्र की जनता ने देखा है। भारत तोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र में उन्होंने दो-तीन बार वीर सावरकर जी का अपमान किया था। इसी के साथ उन्होंने कहा था कि अगर हमारी सरकार बनती है तो हम सावरकर का और अपमान करेंगे और उन्होंने किया। राहुल गांधी ने आदेश दिया और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सावरकर और हेडगेवार के इतिहास को पाठ्यपुस्तक से हटा दिया।
एक दिन पहले लिया था फैसला
कैबिनेट बैठक के बाद एक दिन पहले कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री एच के पाटिल ने संवाददाताओं को बताया था कि बैठक में भाजपा के समय लाए गए धर्मांतरण विरोधी कानून पर चर्चा हुई। इसे रद्द करने के लिए सरकार विधानसभा के आगामी सत्र में बिल लाएगी। इसके अलावा पाटिल ने कहा कि कन्नड और सोशल साइंस की पाठ्य पुस्तकों से हेडगेवार और सावरकार के पाठों को भी हटाया जाएगा।
विज्ञापन मुद्दे पर बोले सीएम
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सिर्फ एक प्रचार से शिवसेना और भाजपा के रिश्तों में कड़वाहट नहीं आएगी। साल भर पहले ही हमारे मनमुटाव खत्म हो चुके हैं। दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन का आधार एक मजबूत विचारधारा है। मेरे और फडणवीस की दोस्ती फेविकोल के जोड़ की तरह मजबूत है।
पानी जून में खेतों तक पहुंच जाएगा
इस दौरान, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि कृष्णा मराठवाड़ा सिंचाई परियोजना का पानी मराठवाड़ा के खेतों में जून 2024 तक पहुंच जाएगा। वे उस्मानाबाद जिले में परियोजना के कार्य का निरीक्षण करने के बाद बोल रहे थे।