मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त पत्रकार अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की श्रेणी में शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार कोविड काल में अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, 'कोरोना संक्रमण काल में वास्तविकता को जन-जन तक पहुंचाने वाले पत्रकार भी वास्तव में कोरोना योद्धा हैं। अधिमान्य पत्रकारों को भी अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को दी जाने वाली सभी सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।'
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को राज्य के पत्रकारों को अग्रिम मोर्चा का कोविड योद्धा घोषित किया था। इस संबंध में एक प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि पत्रकार निर्बाध रूप से खबरें देकर और लोगों को कोरोना वायरस से संबंधित मुद्दों से अवगत कराकर राज्य की बहुत सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'राज्य के 6944 श्रमजीवी पत्रकार गोपबंधु संबादिका स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत शामिल किए गए हैं। उन्हें दो लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है।'
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों के साथ-साथ जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी द्वारा सत्यापित गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों (प्रिन्ट, इलेक्ट्रोनिक एवं बेव मीडिया आदि) को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 टीकाकरण के लिए फ्रंटलाइन कर्मियों की श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ऐसे सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।