उत्तर प्रदेश चुनाव में 'नकुड़' विधानसभा को लेकर कई खास तथ्य लोगों के दिमाग में चल रहे हैं। नकुड़ के प्रसिद्ध जैन चौक पर डॉ. अनिल प्रकाश जैन कहते हैं, हम पहले बोलते थे कि हरियाणा स्टेट बहुत अच्छा है, उत्तराखंड अच्छा है। आज योगी ने वह स्थिति पैदा कर दी है कि हरियाणा और उत्तराखंड वाले, अब योगी जी को 'उधार' मांग रहे हैं। योगी जी की छवि बहुत अच्छी है। डॉ. जैन बोले, योगी के राज में सभी को रोटी मिली, काम मिला है। यहां तक कि मुस्लिम महिलाएं भी इस बात को मानती हैं कि हमारे घर हर तरह से सुरक्षित हो गए हैं। वे भी भाजपा को वोट देना चाहती हैं।
दूसरी तरफ 'अफगानिस्तान' वाले 'भाजपा' की राह मुश्किल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। 'खेड़ा अफगान' निवासी मंजूर खान कहते हैं, लॉकडाउन में जो व्यक्ति अपने खेत में गया, उसका भी 25 सौ रुपये का चालान कटा और जो अपने बच्चे को अस्पताल ले रहा था, उसका भी 25 सौ रुपये का चालान कटा। गांव में इंटर कालेज तक नहीं है। केवल आठवीं तक का स्कूल है। नेताजी अपना वादा पूरा नहीं करते। पहले मास्टर कंवल सिंह, मंत्री धर्म सिंह, नकली सिंह व महिपाल आदि नेताओं ने वादा किया था, लेकिन उसे निभाया नहीं।
अफगानिस्तान से आए लोगों ने बसाया था 'खेड़ा अफगान' ...
मंजूर खान कहते हैं, आज़ादी से पहले अफगानिस्तान से आए लोगों ने 'खेड़ा अफगान' बसाया था। इसके साथ ही दूसरा गाँव भी है, वहाँ भी पठान रहते हैं। हमारे बच्चे सहारनपुर और रामपुर तक पढ़ने जाते हैं। गांव में तो आठवीं तक का ही स्कूल है। अस्पताल ही नहीं है। सबसे बड़ी समस्या कालेज की है। कोई गरीब को नहीं पूछ रहा। नाथी राम कहते हैं, सड़कें टूटी पड़ी हैं। कालेज नहीं है। लोग विकास के नाम पर वोट देंगे। गाँव बोड़पुर के किसान इरशाद साजिद कहते हैं, चुनाव में महंगाई मुद्दा है। अगर भाजपा सरकार आई तो दोबारा से महंगाई मुद्दा हो जाएगा। जैन चौक पर पीयूष जैन ने कहा, कोरोनाकाल में तत्कालीन स्थानीय मंत्री धर्म सिंह लोगों के दुख में साथ नहीं दे सके। उन्हें लोगों के बीच रहना चाहिए था। ये शिकायत लोगों की रही है। डॉ. अनिल ने कहा, आज तो लोग जातिवाद के आधार पर मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं। कोल्हू पर खड़े मौलवी कामिल ने कहा, कारोबार डाउन है। चुनाव में तो साइकिल का जोर है। लोग भाजपा को हराने का काम कर रहे हैं। भाजपा के राज में मारधाड़ है। लोगों को इस राज में नफरत मिली। कहीं सुनवाई नहीं है। हर आदमी दुखी है।
नकुड़ में अप्रैल में रामलीला न हो तो आपदा आ जाती है ...
जैन चौक पर मौजूद पीयूष जैन, श्रीयांस, विकास धीमान और चौधरी राजबीर आदि लोगों का कहना था कि नकुड़ पौराणिक महत्व वाला विधानसभा क्षेत्र है। देश में सब जगहों पर सितंबर या अक्तूबर में रामलीला होती है। नकुड़ में रामलीला अप्रैल में होती है। अगर किसी वजह से रामलीला नहीं हो पाती है तो आपदा आ जाती है। इसके लिए मंदिर बनाना पड़ता है। इस बात के साक्ष्य मौजूद हैं। श्रीयांस का कहना था कि भाजपा के मंत्री रहे धर्मसिंह सैनी ने काम नहीं किया। अगर वे दोबारा बनते हैं तो कुछ भी काम नहीं होगा। वे 2017 में नकुड़ विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। अब वे साइकिल पर सवार हो गए हैं। उनके परंपरागत प्रतिद्वंद्वी काजी परिवार के इमरान मसूद भी अब सपा में हैं। भाजपा ने गुर्जर प्रत्याशी मुकेश चौधरी को टिकट दिया है। बसपा से नकुड़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष खालिद खान के पुत्र साहिल खान चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से ठाकुर रणधीर सिंह चौहान को मैदान में उतारा गया है।