भारत में कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क पहने लोग।
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कोविड-19 टॉस्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. वीके पॉल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि संक्रमण को लेकर देश की स्थिति निश्चित रूप से नाजुक है। उन्होंने कहा कि कहां एक दिन में 9-10 हजार मामले सामने आ रहे थे और कहां अब संक्रमितों की संख्या 60-62 हजार आ रही है। इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने पूरे देश में कोविड-19 का खतरा मंडराने की चेतावनी दी है। डॉ. पॉल ने कहा कि लोगों की लापरवाही ठीक नहीं है।
वैक्सीन की तरह ही मास्क है कारगर
डॉ. पॉल ने कहा कि मास्क वैक्सीन की तरह ही कारगर है। लोगों को इसे समझना चाहिए और मीडिया को भी लोगों में यह जागरूकता फैलानी चाहिए।
डॉ. पॉल ने कहा कि देश में ब्राजील, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के कोविड-19 के वैरिएंट मिले हैं। देश के तमाम राज्यों में मामले तेजी से बढ़ रही हैं। इसमें महाराष्ट्र की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है।
पुणे, मुंबई, नागपुर, ठाणे, नासिक की स्थिति गंभीर चेतावनी दे रही है। टास्क फोर्स के अध्यक्ष का कहना है कि लेकिन फिर भी कोविड-19 को काबू में किया जाएगा। इसके लिए लोगों को चाहिए कि वह खुद इसे गंभीरता से लें और सलाह का पालन करें।
देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं
डॉ. पॉल ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से निबटने के लिए देश में लॉकडाउन लगाने की कोई जरूरत नहीं है। लॉकडाउन की बजाय सरकार कंटोनमेंट जोन, माइक्रो कंटोनमेंट जोन बनाकर संक्रमण पर काबू पाने की रणनीति पर चल रही है। जांच और इलाज के जरिए कोविड-19 पर काबू पाने की रणनीति पर अमल किया जाएगा।
डॉ. पॉल का कहना है कि अभी कोविड की दूसरी लहर के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता। यह लोगों पर निर्भर करेगा कि वह कितनी सावधानी और सतर्कता बरतते हैं।