जैसे-जैसे सोशल मीडिया का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है, लोगों का इस पर से भरोसा कम होता जा रहा है। एक ही मुद्दे पर अलग-अलग परस्पर विरोधी जानकारी सामने आने से लोग न केवल सच से दूर हो रहे हैं, बल्कि इससे किसी घटना की सच्चाई के बारे में उनका भ्रम भी बढ़ रहा है। इससे अब लोगों का सोशल मीडिया पर भरोसा कम हो रहा है। अमेरिका के 23 फीसदी लोगों ने माना है कि सोशल मीडिया से मिली जानकारी से किसी घटना के बारे में उनका भ्रम बढ़ा है। विशेषज्ञ इसे लोगों में आ रही जागरूकता की तरह देख रहे हैं। उनका कहना है कि अगर लोग इसी तरह सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे झूठी खबरों के प्रति सचेत रहेंगे, तो इससे न केवल इसका दुरुपयोग रुकेगा, बल्कि लोगों को आर्थिक धोखाधड़ी से बचाने में भी मदद मिलेगी।
साइबर एक्सपर्ट मयंक जायसवाल ने अमर उजाला से कहा कि सोशल मीडिया का लगातार बढ़ता इस्तेमाल लोगों तक सूचना पहुंचाने का प्रमुख साधन बन गया है, लेकिन कई जगहों पर इसका बड़ा दुरुपयोग हो रहा है। राजनीतिक मामलों में अपनी विचारधारा के अनुसार कोई सूचना जनता तक पहुंचाने से लेकर अपराधी आर्थिक धोखाधड़ी करने के लिए इस मंच का जबरदस्त उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सोशल मीडिया के खतरों के प्रति लोगों में जानकारी बढ़े तो इससे विभिन्न समुदायों में गलत संदेश प्रसारित कर वैमनस्य बढ़ाने के गलत प्रयासों को कम किया जा सकेगा। इसके अलावा लोगों को आर्थिक धोखाधड़ी से भी बचाया जा सकेगा।