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संसद: विपक्ष के हंगामे पर शिवसेना ने पीएम मोदी को याद दिलाया अरुण जेटली का भाषण, दी ये नसीहत

सार

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि आज मैं मोदी सरकार से सवाल पूछना चाहता हूं कि जिस नींव पर वे खड़े हैं एक बार नीचे झुककर उसे भी देखें कि वे किस पर खड़े हैं। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला और कोयला घोटाला मामले में भाजपा ने एक माह तक संसद को चलने नहीं दिया था। तब भाजपा ही विपक्ष में बैठी थी...
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राज्यसभा - फोटो : ANI (File)
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विस्तार
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संसद के मानसून सत्र में 11 दिनों से सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है। विपक्ष जहां पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून, महंगाई समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। वहीं सत्तापक्ष भी विपक्ष पर सदन नहीं चलने देने का आरोप लगा रही है। इस बीच कभी केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा की अहम सहयोगी रही शिवसेना ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के कद्दावर नेता रहे अरुण जेटली के भाषणों को याद दिलाया और उनसे कुछ सीख लेने की नसीहत भी दी है।  

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शिवसेना के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद अरविंद सावंत ने अमर उजाला से चर्चा करते हुए कहा कि आज मैं मोदी सरकार से सवाल पूछना चाहता हूं कि जिस नींव पर वे खड़े हैं एक बार नीचे झुककर उसे भी देखें कि वे किस पर खड़े हैं। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला और कोयला घोटाला मामले में भाजपा ने एक माह तक संसद को चलने नहीं दिया था। तब भाजपा ही विपक्ष में बैठी थी। आज जब भाजपा सत्ता में है तो ये सभी बातें भूल गई और हमें सिखा रही है कि संसद को चलना देना चाहिए। संसद चलाना सरकार की जिम्मेदारी होती है न की विपक्ष की। आज सत्तापक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल हो रहा है इसलिए दूसरों पर आरोप लगा रहा है।

सावंत ने आगे कहा, हम राज्यसभा में पेपर फाड़ने की किसी भी घटना का समर्थन नहीं करते हैं लेकिन इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार हुई हैं। आज विपक्षी दल के सांसद जायज मांगों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। किसी विषय से सहमत और असहमत होना एक सांसद की ड्यूटी होती है। भाजपा नेता अरुण जेटली साहब संसद में अपने हक की आवाज उठाने की बात का समर्थन करते थे। वे कहते थे कि संसद में अपनी हक की आवाज उठाना भी सांसदों का एक कर्तव्य है। आज भाजपा जेटली साहब के पुराने भाषण को जाकर सुनें और पढ़ें तो उन्हें सब पता चल जाएगा। आज संपूर्ण विपक्ष दमदारी से अपना काम कर रहा है। ये जनता तय करेगी कि हम सही कर रहे है या गलत।

महाराष्ट्र सरकार को कोई खतरा नहीं

सावंत ने आगे कहा कि आज पेगासस का विषय पर दोनों सदनों में चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष के सदस्य बार-बार स्थगन प्रस्ताव का दे रहे हैं। लेकिन सरकार चर्चा के लिए तैयार ही नहीं हो रही है। अगर आज सरकार बहस के लिए तारीख और समय तय कर दे उसी वक्त से सदन में हंगामा बंद हो जाएगा।

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एनसीपी नेता शरद पवार और अमित शाह की मुलाकात पर सावंत ने कहा, पवार साहब ने चीनी से जुड़े फेडरेशन और राज्य के रायगढ़ में आई बाढ़ के सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की है। इसके अलावा राज्य में भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ से स्थिति हो गई उससे भी उन्होंने गृहमंत्री को अवगत करवाया है। महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी और सरकार को कोई खतरा नहीं है।

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