वीडियो में आसमान में एक चमकदार सितारे जैसी आकृति उड़ रही है। इस कई लोगों ने एलियन स्पेसक्राफ्ट बताया है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इसके पीछे की सच्चाई बताई है। उनका कहना है कि यह उतना रहस्यमयी नहीं है, जितना कहा जा रहा है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस वीडियो को साल 2013 में मध्य पूर्व के ऊपर अमेरिकी सैन्य मिशन के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। अमेरिका ने डीक्लासिफाइड यूएफओ फाइल्स के तहत सार्वजनिक किया है। अमेरिका सरकार अब यूएफओ को UAP (Unidentified Anomalous Phenomena) कहती है।
अमेरिका द्वारा जारी एक मिनट 46 सेकेंड के वीडियो में एक आठ कोनों वाला चमकदारी रहस्यमयी वस्तु आसमान में अजीब तरीके से घूमती नजर आती है। अमेरिकी जांच एजेंसी AARO ने वीडियो को DOW-UAP-PR38 नाम से दर्ज किया है, जिसे इंफ्रारेड सेंसर से रिकॉर्ड किया गया है। यह सेंसर सामान्य रोशनी को नहीं बल्कि गर्मी को पकड़ता है। इसके कारण वीडियो ब्लैक एंड व्हाइट और धुंधला नजर आता है।
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वीडियो में रहस्यमयी वस्तु कभी स्क्रीन के एक कोने से दूसरे कोने की तरफ जाती दिख रही है। उसके पीछे चमकदार पूंछ भी दिख रही है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
क्या है एलियंस स्पेसक्राफ्ट की सच्चाई?
वैज्ञानिकों ने रहस्यमयी वस्तु के पीछे की एक संभावित वजह बताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एलियन यान नहीं, बल्कि पैराशूट इल्यूमिनेशन फ्लेयर हो सकता है। इस तरह के फ्लेयर का इस्तेमाल युद्ध क्षेत्रों में किया जाता है, जो पैराशूट की मदद से धीरे-धीरे नीचे आते हैं और तेज गर्मी छोड़ते हैं। इंफ्रारेड कैमरे में कैद होने पर यह वैसा ही आकृति बनाते हैं, जैसा वीडियो में नजर आ रहा है।
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अमेरिकी एजेंसी ने साफ किया है कि अभी तक की जांच में हजारों यूएफओ मामलों में एलियन जीवन या तकनीक का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। अधिकतर मामले ड्रोन, मौसम के गुब्बारे, तकनीकी गड़बड़ी या सैन्य उपकरण ही कारण रहे हैं।