अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने भारत से अतिरिक्त शुल्क वसूली की शुरुआत से ठीक पहले एक हफ्ते की मोहलत भी दी, जिसे राहत के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रंप के इस फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति "दबाव की रणनीति" अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपने रुख पर मजबूती से कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा, 'भारत को वैश्विक व्यापार में अपने हितों के अनुरूप निर्णय लेने चाहिए और अमेरिकी दबाव को दृढ़ता से अस्वीकार करना चाहिए।'
राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों से अमेरिकी जनता पर पड़ेगी महंगाई की मार
अश्विनी महाजन ने कहा, टैरिफ को लेकर अमेरिका की धमकियों से अमेरिकी उपभोक्ताओं को ही नुकसान होगा, क्योंकि इससे अमेरिका में महंगाई बढ़ेगी। अगर इसके कारण भारत को कुछ अल्पकालिक नुकसान होते भी हैं, तो देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
अब बाहरी दबाव में फैसले नहीं लेगा भारत
उन्होंने कहा, भारत की रक्षा खरीद और सस्ती दरों पर कच्चे तेल का आयात महंगाई पर नियंत्रण के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के लिए भी जरूरी है। इसका आकलन किसी बाहरी दबाव में नहीं किया जा सकता। उन्होंने देश की बदलती हुई नीतियों की तरफ संकेत करते हुए कहा, 'आज का भारत पहले जैसा नहीं रहा। अब निर्णय किसी भी तरह के बाहरी दबाव में नहीं लिए जाएंगे।'
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भारत ने डटकर अमेरिका का मुकाबला किया, 'आत्मनिर्भर भारत' की भावना को प्रोत्साहन जरूरी
एसजेएम के सह-संयोजक महाजन ने कहा, भारत को इस समय बहुध्रुवीय वैश्विक व्यापार व्यवस्था की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' की भावना को प्रोत्साहित करना भी अहम है। मंच ने सरकार को इस बात के लिए बधाई दी कि उसने अमेरिका के साथ चल रही मुक्त व्यापार वार्ता (FTA) में जीएम फसलों, डेयरी उत्पादों और दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों में देश के बाजार को खोलने के दबाव का डटकर मुकाबला किया।
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एकतरफा विश्व दृष्टिकोण छोड़कर सहयोग की भावना अपनाए अमेरिका
महाजन ने सुझाव दिया कि भारत को व्यापार के मोर्चे पर विविधता की तरफ बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, विस्तारित ब्रिक्स समूह के साथ-साथ वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना चाहिए। स्वदेशी जागरण मंच ने अमेरिका को एकतरफा विश्व दृष्टिकोण छोड़कर सहयोग की भावना अपनाने को भी कहा। बकौल महाजन, 'अमेरिका WTO नियमों के बाहर जाकर व्यापार दबाव बनाता है, जो अनुचित है। स्थानीयकरण नीति और जीएम खाद्य आयात के प्रति भारत जैसा सतर्क रुख अपना रहा है, वह पूरी तरह से देशहित में है। सरकार को किसानों, लघु उद्योगों समेत दीर्घकालिक लक्ष्य- 'आत्मनिर्भरता' से समझौता नहीं करना चाहिए।