प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान अमेरिका द्वारा जारी एक बयान में ‘इंडियन एडमिनिस्टर्ड’ जम्मू और कश्मीर शब्द इस्तेमाल किए जाने के मामले को बृहस्पतिवार को भारत सरकार ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी। सरकार ने कहा कि इस तरह के शब्द पूर्व में भी इस्तेमाल किए जाते रहे हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकवादी घोषित करते हुए कहा था कि आतंकी संगठन ने कई हमलों की जिम्मदोरी ली है। इन हमलों में अप्रैल 2014 में ‘इंडियन एडमिनिस्टर्ड’ जम्मू और कश्मीर में हुआ विस्फोटक हमला भी शामिल है, जिसमें 17 लोग घायल हो गए थे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बाग्ले ने मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि ‘इंडियन एडमिनिस्टर्ड’ जम्मू और कश्मीर शब्द के इस्तेमाल से भारत के इस रुख की ही पुष्टि हुई है कि सैयद सलाहुद्दीन भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद में शामिल रहा है।
India’s position that entire J&K is an integral part of India is well known. The US government has been apprised of the same once again: MEA— ANI (@ANI_news) June 29, 2017
इससे पहले, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान हिजबुल चीफ सैय्यद सलाहुद्दीन को अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया। अमेरिका ने कहा कि सलाहुद्दीन तमाम आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है, और आतंकवादियों को मदद मुहैय्या कराता रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने अमेरिका के इस कदम की आलोचना की है। पाकिस्तान ने कहा है कि मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैय्यद सलाहुद्दीन आतंकवादी नहीं है, बल्कि वो कश्मीरी स्वतंत्रता सेनानी है। इन नाते उसे पाकिस्तान में रहने की छूट मिली हुई है।