दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता का का मुकाबला करने के लिए, फिलीपींस ने संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों तक पहुंच प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की है। इसके बाद अब अमेरिकी सेना फिलीपींस में नौ ठिकानों से चीन के खिलाफ मोर्चा संभालेंगी।
मीडिया खबरों के अनुसार, फिलीपींस ने अमेरिका को 2014 के रक्षा सहयोग समझौते (EDCA) के तहत यह अनुमति दी है। इसके तहत अमेरिका पूरे फिलीपींस में कुल नौ ठिकानों पर सैनिकों के ठिकाने की अनुमति देगा। क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिका ने हाल के महीनों में अपने हिंद-प्रशांत सुरक्षा विकल्पों के विस्तार के प्रयासों को तेज कर दिया है।
ऑस्टिन ने साधा चीन पर निशाना
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने गुरुवार को फिलीपींस की राजधानी मनीला की यात्रा के दौरान कहा कि अमेरिका और फिलीपींस सशस्त्र हमले का विरोध करने के लिए अपनी आपसी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आगे ऑस्टिन ने सीएनएन के हवाले से कहा कि यह हमारे गठबंधन को आधुनिक बनाने के हमारे प्रयासों का हिस्सा है। और ये प्रयास विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना पश्चिम फिलीपीन सागर में अपने नाजायज दावों को आगे बढ़ा रहा है।
पिछले हफ्ते, यूएस मरीन कॉर्प्स ने फिलीपींस के पूर्व में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अमेरिकी द्वीप गुआम पर एक नया बेस खोला। कैंप ब्लेज के नाम से जाना जाने वाला स्थान, 70 वर्षों में पहला नया समुद्री आधार है और एक दिन में 5,000 मरीन की मेजबानी करने की उम्मीद है।
सीएनएन के अनुसार, फिलीपींस में सैन्य ठिकानों तक पहुंच बढ़ने से अमेरिकी सशस्त्र बलों को ताइवान के दक्षिण में 200 मील से भी कम दूरी पर जगह मिलेगी, जो 24 मिलियन का लोकतांत्रिक रूप से शासित द्वीप है, जिस पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कभी भी इसे नियंत्रित न करने के बावजूद अपने संप्रभु क्षेत्र के हिस्से के रूप में दावा करती है।