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संसद में राहुल के बयान पर हंगामा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- देश से माफी मांगें; ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र

Fri, 17 Apr 2026 03:21 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे सदन में हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। जानिए राहुल गांधी ने क्या कहा...

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संसद में राहुल के बयान पर हंगामा - फोटो : संसद टीवी / अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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 लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी के एक बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। राहुल के बयान पर सत्ताधारी दल के सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में शोर-शराबा और नारेबाजी शुरू हो गई।

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उन्होंने सरकार से 2023 के महिला आरक्षण विधेयक को दोबारा लाने की मांग करते हुए कहा कि विपक्ष इसे तुरंत लागू कराने में पूरा सहयोग देगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यही सरकार की वास्तविक मंशा प्रतीत होती है।



'छिपी ताकत' वाले बयान पर हंगामा
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं वापस गार्डन वाली कहानी सुनाता हूं। दादी ने कहा था कि सुनो राहुल मैं चाहती हूं कि तुम अंधेरे में देखना सीखो। अंधेरा में ही असली ताकत है। यह बढ़िया पॉलिटिकल लेशन है। जो असली ताकत होती है वो छिप कर काम करती है अपने आप को दिखाती नहीं है। मैं यह इसलिए बता रहा हूं कि सभी जानते हैं एक पार्टनरशिप हमारे जादूगर और बिजनेसमैन के बीच है।' इस पर एनडीए सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। राहुल ने कहा- मैं पीएम का नाम नहीं ले रहा हूं। मैंने पीएम का नाम नहीं लिया। सर यह पार्टनरशिप मजबूत है, लेकिन छिपी है। जादूगर के पूरे इतिहास में यह ताकत छिपी है। जबसे वे यहां आए तब से यह चल रहा है। भाजपा जानती है कि यह बिल पास नहीं हो सकता। वे इतने बेवकूफ नहीं है वे जानते हैं। इसीलिए उन्होंने चुनावी नक्शा बदलने के लिए महिला आरक्षण का सहारा लिया। सच यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। ऑपरेशन  सिंदूर, नोटबंदी का जादूगर पकड़ा गया है।
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राजनाथ सिंह ने जताई कड़ी आपत्ति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे प्रधानमंत्री और देश की गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना अनुचित है और इसकी घोर निंदा की जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे नेता को इस तरह के शब्दों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के चुने हुए नेता हैं और उनके प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।



स्पीकर ने हटाए आपत्तिजनक शब्द
विवाद बढ़ने पर लोकसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया और राहुल गांधी के भाषण के कुछ अंशों को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। रिजिजू ने कहा कि उन्हें पूरे भाषण से आपत्ति नहीं है, लेकिन कुछ टिप्पणियां अनुचित हैं और नियमों के खिलाफ हैं। 
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रक्षामंत्री ने कहा है हम भी कह रहे हैं भाषण नियम के तहत दीजिए। बार-बार पीएम का मजाक उड़ाना गलत। पीएम आपका और मेरा नहीं है। इस बीच, राहुल गांधी ने दोबारा बोलने की कोशिश की और कहा कि मौजूदा स्थिति में सत्तारूढ़ दल के भीतर ही भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बढ़ते शोर-शराबे के चलते स्पीकर ने उन्हें बैठने के लिए कहा।

जाति जनगणना को लेकर भी उठाए सवाल
सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने जाति जनगणना के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केवल जाति जनगणना शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसका उपयोग संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व तय करने के लिए किया जाएगा या नहीं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जाति जनगणना को अगले कई वर्षों तक प्रतिनिधित्व से अलग रखने की योजना बना रही है, जो सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।

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